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UPPSC : डिजिटल लॉक वाले बक्सों में पेपर रखवाने की तैयारी, बिना कोड के नहीं खोले जा सकेंगे बक्से

Mon, 26 Feb 2024 05:42 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पेपर लीक मामले में अब तक जांच में यही सामने आया है कि परीक्षा वाले दिन सुबह 8:41 बजे व्हाट्सएप पर वायरल पेपर की उत्तरकुंजी अगर सही है तो इसका मतलब है कि पहली पाली का सामान्य अध्ययन का पेपर किसी परीक्षा केंद्र से ही बाहर आया है।
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UPPSC - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने इसकी रोकथाम के लिए प्रबंध करने शुरू कर दिए हैं। आयोग ने योजना बनाई है कि भविष्य में प्रश्नपत्र डिजिटल लॉक वाले बक्सों में रखवाएं जाएंगे।

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सूत्रों के मुताबिक पेपर लीक मामले में अब तक जांच में यही सामने आया है कि परीक्षा वाले दिन सुबह 8:41 बजे व्हाट्सएप पर वायरल पेपर की उत्तरकुंजी अगर सही है तो इसका मतलब है कि पहली पाली का सामान्य अध्ययन का पेपर किसी परीक्षा केंद्र से ही बाहर आया है। दूसरी पाली में हुई हिंदी की परीक्षा से पहले भी पेपर वायरल हुआ था और यह पेपर भी केंद्र से वायरल होने की आशंका है।

ट्रेजरी के डबल लॉक से पेपर के बंडल केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होती है। पेपर केंद्रों में पहुंचने के बाद बंडल खोलने से लेकर पेपर वितरण तक की जिम्मेदारी केंद्र में तैनात लोगों की होती है। वहीं, आयोग की जिम्मेदारी पेपर तैयार करने से लेकर प्रिंटिंग प्रेस में इसे छपवाने की होती है। हालांकि, पेपर वायरल होने के बाद जवाब आयोग को ही देना पड़ रहा है।
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सूत्रों का कहना है कि पेपर का जो बंडल होता है, उसमें गत्ते लगे होते हैं और वह मोटे कागज में पैक होता है लेकिन कोई चाहे तो एक तरफ से उसमें छेद करके पेपर निकाल सकता है। ऐसे में आयोग ने प्रश्नपत्रों की अतिरिक्त सुरक्षा की कवायद शुरू की है। डिजिटल लॉक वाले बक्सों के साथ कुछ अन्य व्यवस्थाएं भी लागू किए जाने की तैयारी चल रही है।

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पेपर लीक विवाद के बाद अब मंथन किया जा रहा है कि इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए किस तरह के कदम उठाए जा सकते हैं। इसी क्रम में तैयारी की गई है कि पेपरों को डिजिटल लॉक वाले बक्सों में सुरक्षित रखवाया जाए। लॉक का कोड केवल आयोग के परीक्षा नियंत्रक को मालूम हो और डिजिटल लॉक वाले बक्से केंद्रों में पहुंचने के बाद जब खोले जाएं, तब केंद्रों को लॉक का कोड बताया जाए।

ऐसे बक्सों का इंतजाम करने में थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन आयोग की तैयारी है कि अगली बड़ी परीक्षा में इन बक्सों का इस्तेमाल किया जाए। पीसीएस-2024 की प्रारंभिक परीक्षा से इस व्यवस्था को लागू किया जा सकता है, जो 17 मार्च को प्रस्तावित है। आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा में पेपर लीक विवाद के बाद आयोग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पीसीएस-2024 की प्रारंभिक परीक्षा का सफल आयोजन कराना है।
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