फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रतापगढ़: पैसे जमा नहीं करने पर प्रसव पीड़िता को नर्सिंग होम से निकाला बाहर, नवजात की मौत

Mon, 18 May 2020 03:40 PM IST
प्राची प्रियम संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक की संवेदनहीनता ने रविवार को एक मां की गोद सूनी कर दी। प्रतापगढ़ के चारू नर्सिंग होम में रुपये न देने पर प्रसव पीड़िता को अस्पताल से बाहर निकाल दिए जाने का मामला सामने आया है। 

विज्ञापन


करीब आधे घंटे तक प्रसव पीड़िता रात में सड़क पर दर्द से चीखती-चिल्लाती रही। सूचना के बाद सीओ सिटी व सीएमओ मौके पर पहुंचे। इस बीच एक निजी अस्पताल के संचालक ने पीड़िता की मदद को हाथ बढ़ाया। उसे अपने अस्पताल ले गए। 

लेकिन इलाज में देरी होने के कारण बच्चे की मौत हो गई, जबकि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़िता के पति की शिकायत पर पुलिस ने नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन


मानधाता थाना क्षेत्र के मदईपुर पुरैला की रहने वाली पुष्पा मौर्या को शनिवार रात प्रसव पीड़ा होने लगी। एंबुलेंस से उसे लेकर परिजन मानधाता सीएचसी गए, जहां हालत गंभीर देख स्वास्थ्यकर्मियों ने महिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। 

चूंकि पुष्पा प्रसव पीड़ा से छटपटा रही थी। इसलिए परिजन बलीपुर में स्थित चारू नर्सिंग होम लेकर चले गए। परिजनों के अनुसार नर्सिंग होम में मौजूद स्वास्थ्यकर्मी उसे आपरेशन थिएटर के अंदर ले गए और उनसे 700 रुपये जमा कराए। बाद में और रुपये की मांग की गई।

इस पर घरवालों ने उपचार जारी रखने और घर से रुपये लाकर देने की बात कही। आरोप है कि करीब आधे घंटे तक ओटी में रखने के बाद प्रसव पीड़िता को स्ट्रेचर समेत बाहर निकाल दिया गया। असहनीय पीड़ा से महिला सड़क पर तड़पती रही। 

विज्ञापन

इस बीच उधर से गुजर रहे सीओ सिटी अभय पांडेय महिलाओं को सड़क पर रोते देख रुक गए। थोड़ी देर में सीएमओ डॉ. अरविंद श्रीवास्तव भी पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने इस बीच एक प्राइवेट अस्पताल संचालक की एंबुलेंस में पीड़िता को बैठाकर दहिलामऊ भेजा। 

वहां उसके बच्चे की मौत हो गई। महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। इस मामले में पति उमेश की तहरीर पर पुलिस ने चारू नर्सिंगहोम के संचालक डॉ. अतुल श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नगर कोतवाल ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आगे की कार्रवाई भी होगी।

डीएम ने बैठाई नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ जांच
जिलाधिकारी डॉ. रुपेश कुमार ने गर्भवती महिला को आपरेशन थिएटर से बाहर निकालने के मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले में जांच बैठा दी है। डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. अरविंद श्रीवास्तव को निर्देश दिया है कि पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट दें, ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें