केंद्रीय बजट में दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर समेत सात नए कॉरिडोर की घोषणा से प्रयागराज को रेलवे का सुपर हब बनाने की तैयारी है। कॉरिडोर के अस्तित्व में आने के बाद दिल्ली और वाराणसी के बीच स्थित प्रयागराज की कनेक्टिविटी और संचालन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। बताया जा रहा है कि कॉरिडोर बनने के बाद दिल्ली की दूरी महज तीन घंटे की रह जाएगी। रेलवे सूत्रों के अनुसार, हाई स्पीड रेल नेटवर्क न केवल आम यात्रियों को राहत देगा, बल्कि माघ मेला और कुंभ जैसे विशाल आयोजनों के दौरान बढ़ने वाले दबाव को नियंत्रित करने में भी गेमचेंजर साबित होगा।
बजट में टियर-दो और टियर-तीन शहरों की रेल कनेक्टिविटी पर विशेष जोर दिया गया है। इसका सीधा लाभ प्रयागराज जंक्शन के साथ-साथ सूबेदारगंज और छिवकी स्टेशनों को मिलेगा। इन स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म विस्तार, आधुनिक प्रतीक्षालय और बेहतर सिग्नल सिस्टम के लिए अतिरिक्त फंड मिलने की उम्मीद है। साथ ही, प्रयागराज से लखनऊ, पटना और दिल्ली के बीच नई वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी साफ हो गया है।