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Prayagraj News : प्रयागराज बनेगा देश का बड़ा रेल हब, तीन घंटे में पहुंचेंगे दिल्ली

Mon, 02 Feb 2026 06:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

केंद्रीय बजट में दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर समेत सात नए कॉरिडोर की घोषणा से प्रयागराज को रेलवे का सुपर हब बनाने की तैयारी है।
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रेलवे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय बजट में दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर समेत सात नए कॉरिडोर की घोषणा से प्रयागराज को रेलवे का सुपर हब बनाने की तैयारी है। कॉरिडोर के अस्तित्व में आने के बाद दिल्ली और वाराणसी के बीच स्थित प्रयागराज की कनेक्टिविटी और संचालन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। बताया जा रहा है कि कॉरिडोर बनने के बाद दिल्ली की दूरी महज तीन घंटे की रह जाएगी। रेलवे सूत्रों के अनुसार, हाई स्पीड रेल नेटवर्क न केवल आम यात्रियों को राहत देगा, बल्कि माघ मेला और कुंभ जैसे विशाल आयोजनों के दौरान बढ़ने वाले दबाव को नियंत्रित करने में भी गेमचेंजर साबित होगा।

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बजट में टियर-दो और टियर-तीन शहरों की रेल कनेक्टिविटी पर विशेष जोर दिया गया है। इसका सीधा लाभ प्रयागराज जंक्शन के साथ-साथ सूबेदारगंज और छिवकी स्टेशनों को मिलेगा। इन स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म विस्तार, आधुनिक प्रतीक्षालय और बेहतर सिग्नल सिस्टम के लिए अतिरिक्त फंड मिलने की उम्मीद है। साथ ही, प्रयागराज से लखनऊ, पटना और दिल्ली के बीच नई वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी साफ हो गया है।

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सिग्नल आधुनिकीकरण से थमेगी ट्रेनों की लेटलतीफी

रेल पटरियों के उन्नयन और अत्याधुनिक सिग्नल प्रणाली के बजट प्रावधानों से ट्रेनों की लेटलतीफी पर लगाम लगेगी। खासकर कोहरे के कारण होने वाली देरी को कम करने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे संगम नगरी से गुजरने वाली सैकड़ों ट्रेनों का संचालन समयबद्ध और सुरक्षित हो सकेगा।

हाई स्पीड रेल कॉरिडोर 200 से 320 की रफ्तार से दौड़ सकती हैं ट्रेनें

हाई स्पीड रेल कॉरिडोर एक विशेष रेल लाइन होगी। इस पर ट्रेनें 200 से 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। यह मौजूदा ट्रैक से अलग होगा। इससे सुरक्षा और गति दोनों सुनिश्चित होंगी। इस रेलमार्ग से जहां दिल्ली की दूरी महज तीन घंटे की रह जाएगी तो वहीं वाराणसी भी एक घंटे से पहले ही पहुंच जाएंगे। वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच भी कॉरिडोर की घोषणा हुई है। चर्चा है कि वाराणसी-दिल्ली कॉरिडोर को सिलीगुड़ी कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। ऐसे में सिलीगुड़ी का सफर भी प्रयागराज से महज चार घंटे में ही पूरा हो जाएगा।
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