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प्रयागराजः जब आप सब यह लेटर पढ़ रहे होंगे, तब शायद मैं इस दुनिया में नहीं होऊंगी

Sat, 04 May 2019 02:08 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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jhunsi - फोटो : प्रयागराज
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‘मेरा नाम प्रिंशु सिंह है और यह लेटर मैं अपने पूर्ण होशोहवाश में लिख रही हूं। आज दिनांक दो मई को मैं चलती गाड़ी में बैठकर लेटर लिख रही हूं। मैं प्रयागराज कालका प्रताप सिंह के घर जा रही हूं। जब आप सब यह लेटर पढ़ रहे होंगे, तब शायद मैं इस दुनिया में नहीं होऊंगी।’ यह उस सुसाइड नोट की चंद लाइनें हैं जो मऊ निवासी प्रिंशू ने आत्महत्या करने से पहले लिखा है। उसने इसमें अपने मंगेतर से फेसबुक के जरिए हुई दोस्ती, प्रेम संबंध और फिर शादी तय होने तक की पूरी कहानी बयां की है। 
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सुसाइड नोट में लिखा है कि ‘हमारी दोस्ती अगस्त 2016 में फेसबुक से हुई थी। उसे प्रेम से वह बॉबी बुलाती थी। इसी दौरान दोनों ने एक-दूसरे को अपने मोबाइल नंबर भी दिए। आठ-नौ महीने बाद कालका मुझसे मिलने भोपाल भी आए। लिखा है कि पहले दिन से ही हम दोनों में तय हुआ था कि अगर हम एक-दूसरे को पसंद आए तो विवाह कर लेंगे। भोपाल में मैं अपनी मां और एक दोस्त के साथ कालका प्रताप से रेस्टुरेंट में मिलती थी। बाद में कालका ने कहा कि वह भी अपने घर में विवाह की बात करेंगे।

कालका ने पूछा कि विवाह में तुम्हारे घर वाले उसे क्या गिफ्ट देंगे। इस पर प्रिंशु ने जवाब दिया कि 20 लाख कैश और एक कार देंगे। कुछ दिनों बाद मेरे पापा उनके घर रिश्ता लेकर गए। विवाह तय भी हो गया लेकिन किन्ही न किन्ही कारणों से विवाह टलता रहा। इसी बीच नवंबर 2017 में कालका ने झूंसी में मकान खरीदने के लिए 35 लाख रूपये की डिमांड कर दी। इस बात को परिजनों को बताया तो पहले तो वे नाराज हो गए लेकिन बाद में मेरी जिद के आगे मान गए। लिखा है कि बॉबी बहुत अच्छी बातें और प्यार दिखाता था। कहता था तुमसे सच्चा प्यार करता हूं। उस वक्त मैं 20 साल की थी। आज एक मई को बॉबी के बड़े भैया ने शादी के लिए मना कर दिया। बॉबी को न जाने क्या हो गया है।
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रा जीवन इन सबने मिलकर बर्बाद कर दिया। मेरी क्या गलती थी। क्या बॉबी से प्यार करना मेरी गलती थी। न जाने बॉबी ने मेरे साथ ये सब क्यों किया। मेरी मौत के जिम्मेदार बॉबी के घरवाले हैं। मैं कालका के चाचा अरविंद सिंह, जेपी सिंह और बड़े भैया विश्वनाथ प्रताप सिंह की वजह से अपनी जान दे रही हूं। बॉबी ने शादी का झांसा देकर मेरा शारीरिक शोषण किया और मुझे आत्महत्या करने की स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया। मुझे सिर्फ न्याय चाहिए। गुड बॉय, प्रिंशु सिंह।
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