कोर्ट ने जवाहर लाल नेहरू रोड और महात्मा गांधी मार्ग समेत अन्य स्थानों पर नालों के ऊपर बने स्थायी पेवमेंट, गेट, दीवार और निर्माण हटाने का आदेश दिया है। वहीं, पंपिंग स्टेशन और वाटर कैचमेंट टैंक के लिए केपी ट्रस्ट की जमीन को 90 साल की लीज के लिए अधिग्रहण की संभावना पर विचार करने के लिए कहा है। इस संबंध में अगली सुनवाई पर रिपोर्ट पेश करनी होगी। कोर्ट ने मामले में प्रमुख सचिव वित्त और गंगा प्रदूषण बोर्ड के माध्यम से यूपी जल निगम (ग्रामीण) को पक्षकार बनाया है।
50 साल तक न हो जलभराव, ऐसा ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाएं : कोर्ट
कोर्ट ने जलभराव की समस्या पर मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के पर्यावरण एवं सिविल इंजीनियरिंग विभाग के चार प्रोफेसरों से तकनीकी मदद लेने का भी आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि शहर का ड्रेनेज मास्टर प्लान ऐसा तैयार किया जाए, जिससे 50 साल तक भारी बारिश में भी बाढ़ जैसे हालात न बनें।