जावेद की पत्नी का घर गिराना असांविधानिक
सपा नेताओं ने 10 जून को हुए उपद्रव के आरोपी मोहम्मद जावेद का घर ढहाए जाने का विरोध किया है। कलक्ट्रेट में सोमवार को ज्ञापन सौंपकर उन्हाेंने इसे असांविधानिक कार्रवाई बताया। नेताओं का कहना था कि वह मकान जावेद की पत्नी का है और इसे गिराया जाना गैरकानूनी है।
सपा नेताओं का उनका कहना था कि कई अन्य मकान भी चिह्ति किए गए हैं, जिनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने इसका विरोध किया। नेताओं का कहना था कि पीडीए के अफसर इन निर्माण को अवैध बता रहे हैं, लेकिन जब निर्माण कार्य चल रहा था तब वे कहां थे। उन्होंने पुलिस द्वारा निर्दोषों को उठाए जाने और पिटाई करने का भी आरोप लगाया और कार्रवाई की निंदा की। सपा नेताओं का कहना था कि पुलिस ने पांच हजार से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखी है। जबकि, उपद्रव में 100 से 150 लोग ही शामिल रहे।
पुलिस इन्हीं अज्ञात लोगों की आड़ में निर्दोषों का उत्पीड़न कर रही है। उनका कहना था कि यह उत्पीड़न नहीं रुका तो सपा कार्यकर्ता आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। सपा नेताओं ने विवादित बयान देने वाले भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी की भी मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव, महानगर अध्यक्ष इफ्तेखार हुसैन, पूर्व सांसद धर्मराज पटेल, संदीप यादव, त्रिभुवननाथ, रामसूरत यादव, नाटे चौधरी आदि शामिल रहे।