ईद से कुछ रोज पहले झूंसी के गंगा इंक्लेव स्थित न्यायनगर पब्लिक स्कूल की ओर से ईद मुबारक के तहत एक्सट्रा करिकुलर एक्टविटी का मैसेज स्कूल के वाट्सएप ग्रुप पर भेजा गया था। इसमें छात्र-छात्राओं से कुर्ता पायजामा पहन वीडियो बनाकर भेजने और शेयर करने के लिए कहा गया था। छात्र-छात्राओं से यह भी कहा गया था कि जो बच्चे इसमें प्रतिभाग करेंगे, उन्हें वार्षिक परीक्षा में कुछ अंक भी दिए जाएंगे।
थाना क्षेत्र के हवेलिया के गंगा इंक्लेव में स्थित न्यायनगर पब्लिक स्कूल में ईद पर्व पर छात्र-छात्राओं से कुर्ता पायजामा और टोपी पहनकर वीडियो बनाकर भेजने के मामले में पुलिस ने प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज किया है। विहिप के प्रांत मंत्री ने कीडगंज थाने में तहरीर देकर स्कूल की प्रिंसिपल पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया है।
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ईद से कुछ रोज पहले झूंसी के गंगा इंक्लेव स्थित न्यायनगर पब्लिक स्कूल की ओर से ईद मुबारक के तहत एक्सट्रा करिकुलर एक्टविटी का मैसेज स्कूल के वाट्सएप ग्रुप पर भेजा गया था। इसमें छात्र-छात्राओं से कुर्ता पायजामा पहन वीडियो बनाकर भेजने और शेयर करने के लिए कहा गया था। छात्र-छात्राओं से यह भी कहा गया था कि जो बच्चे इसमें प्रतिभाग करेंगे, उन्हें वार्षिक परीक्षा में कुछ अंक भी दिए जाएंगे।
इस पर कई अभिभावकों ने आपत्ति जताते हुए संविधान के अनुच्छेद 28 का हवाला देते हुए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही सीएम, डिप्टी सीएम और कैबिनेट मंत्री को ट्वीट किया था। प्रकरण को संज्ञान में लेकर जांच भी कराई गई। इसी बीच विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री गोरक्षा लालमणि तिवारी निवासी नेता नगर नई बस्ती की ओर से मामले को लेकर कीडगंज थाने में तहरीर दी गई।
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बुधवार को कीडगंज पुलिस ने स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. बुशरा मुस्तफा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया। तहरीर में लिखा गया है कि प्रधानाचार्य ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जान बूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत किया। कर्नाटक के हिजाब विवाद की तरह ही उत्तर प्रदेश के धार्मिक सौहार्द को खराब करने की साजिश की गई।
स्कूल में होली, दिवाली व दशहरा समेत अन्य पर्वों पर विभिन्न क्रियात्मक गतिविधियां होती रहती हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सभी धर्मों का आदर सिखाया जाता है। मैं 22 साल से शिक्षा जगत से जुड़ी हुई हूं। ऐसे में बच्चों को शिक्षा के साथ ही अच्छे संस्कार देना मेरी नैतिक जिम्मेदारी है। किसी व्यक्ति विशेष या फिर संप्रदाय की भावनाओं को आहत करना मेरा उद्देश्य नहीं था। यदि किसी की भावनाओं को इससे ठेस पहुंची है तो मैं क्षमा प्रार्थी हूं।