बारिश के कारण गेहूं की फसल बर्बाद हो गई।
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पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से डेरा जमाए बादल बुधवार रात अचानक बरस पड़े। शहर में बेमौसम बरसात हुई तो घूरपुर, मांडा, कोरांव समेत यमुनापार इलाके के कई गांवों में ओले गिरे। इससे सरसों, गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अगले 48 घंटे मौसमी उठापटक जारी रहेगी। शुक्रवार तक बादलों की धमाचौकड़ी से गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं।
बुधवार दिन का तापमान लगातार पहाड़ चढ़ते हुए 30.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। जबकि सुबह न्यूनतम तापमान करीब एक डिग्री की गिरावट के साथ 16.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वातावरण गरम होने से आर्द्रता भी असंतुलित हो गई। सूखे मौसम में हवाएं भी जोर नहीं पकड़ पाईं। उच्चतम स्तर पर 100 फीसदी आर्द्रता न्यूनतम स्तर पर काफी कम होकर 33 फीसदी पर आ टिकी।
दिन भर धमाचौकड़ी मचाने वाले बादलों ने शाम को ठीक से डेरा जमा लिया। रात में शहर के कई इलाकों में तेज तो कहीं मामूली बारिश हुई। ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि किसानों पर भारी पड़ी। सूचनाओं के मुताबिक खेतों में तैयार खड़ी फसलों के लिए मामूली बारिश सोना है जबकि ओला वृष्टि फसलों को चौपट कर देगी। कोरांव और घूरपुर इलाकों में ओले पड़ने से सरसों की फसल को सर्वाधिक नुकसान हुआ है।
मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा के मुताबिक दिन और रात के तापमान में अंतर कम होने से बादलों ने हवाओं के संग आर्द्रता कम होने का लाभ लिया और बारिश करा दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार तक धूप छांव के बीच बारिश और ओलावृष्टि के आसार हैं।