शाहगंज स्थित एक लॉज में मंगलवार को मध्य प्रदेश से आए दिलीप सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर बुधवार को उसके घर वाले यहां पहुंच गए। घरवालों के मुताबिक वह दिसंबर से ही बेरोजगार था। इस कारण डिप्रेशन में चल रहा था।
मध्य प्रदेश के सतना जिले के कोठी मदनी गांव का रहने वाला दिलीप सिंह छह फरवरी को शाहगंज स्थित एक लॉज में आकर रुका था। मंगलवार को सुबह से ही उसका कमरा बंद था। जब देर रात तक कमरा नहीं खुला तो कर्मचारियों को शक हुआ। उन लोगों ने खिड़की से देखा तो वह फंदे से लटक रहा था। पुलिस को सूचना दी गई।
शव को फंदे से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बुधवार को दिलीप के घर वाले पहुंच गए। उसके फुफेरे भाई विकास सिंह ने बताया कि दिलीप राजस्थान में प्राइवेट नौकरी करता था लेकिन दिसंबर में उसे निकाल दिया गया था। इसके बाद से ही बेरोजगार था। इसी वजह से वह डिप्रेशन में था। दिलीप को बचपन से ही सफेद दाग था।
इस कारण उसकी शादी नहीं हो रही थी। इस बात से भी वह काफी परेशान था। कुछ दिन पहले वह घर से यह कहकर निकला था कि काम के सिलसिले में बाहर जा रहा है। एसओ अरविंद राय ने बताया कि बेरोजगारी और सफेद दाग के कारण वह डिप्रेशन में था। घर वालों के मुताबिक इसी कारण उसने खुदकुशी कर ली।