घटनास्थल पर ही हो गई थी विष्णुकांत की मौत
दोनों परिवारों में कहासुनी और आरोपों प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया। बात बढ़ती गई। हाथापाई होने लगी तो नीलकमल दौड़कर घर में गया और अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाल लाया। झगड़ा तब भी नहीं कम हुआ। किसी बात पर तैश में आकर नीलकमल ने विष्णु और वैभव को गोली मार दी। दोनों लहूलुहान होकर गिर गए तो सभी लोग हक्के बक्के रह गए।
दोनों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया। वहां से उन्हें एसआरएन अस्पताल भेज दिया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही विष्णुकांत की मौत हो गई। वैभव की हालत गंभीर बनी हुई है। हत्या की सूचना पर करछना पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी नीलकमल को गिरफ्तार कर उसकी बंदूक बरामद कर ली।
धान के खेत में छिप गया था आरोपी
घटना की सूचना मिलने के बाद करछना थाने की पुलिस के अलावा बड़ी संख्या में फोर्स गांव में पहुंच गई। भतीजे की हत्या का आरोपी नीलू शुक्ला बंदूक लेकर गांव में ही एक धान के खेत में जाकर छिप गया था। पुलिस ने काफी देर तक उसकी खोजबीन की लेकिन पता नहीं चला। इसके बाद धान के खेत में छिपे होने की आहट पर पुलिस ने खेत को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस को भय था कि वह पुलिस टीम पर भी फायरिंग करके भाग सकता है।
पुलिस ने लाउडस्पीकर के माध्यम से कहा कि अपने आपको पुलिस के हवाले कर दो तुम्हें गोली नहीं मारी जाएगी। काफी जद्दोजहद के बाद उसने खुद को पुलिस के हवाले किया। उसके कब्जे से एक नाली लाइसेंसी बंदूक और तीन जिंदा कारतूस बरामद किया गया। बताया जाता है कि आरोपी प्रयागराज शहर में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है।