मांडा मेहाजगीर गांव में शुक्रवार को दो बच्चे नहाने के लिए तालाब चले गए। दोनों की डूबने से मौत हो गई। गांव वालों ने जब कपड़े देखे तो उन्हें आशंका हुई। काफी देर ढूंढने के बाद उनके शव मिल गए। दो घरों में घटना से हाहाकार मच गया। सूचना पर एसडीएम कोरांव व इंस्पेक्टर मांडा मौके पर पहुंचे। पंचनामा के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
मेहजागीर गांव निवासी बलराम (7) पुत्र हरीश कुमार व तेजबहादुर कोल (8) पुत्र राजेश कोल गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो के छात्र थे। दोनों छात्र शुक्रवार दोपहर लगभग 12 बजे घर के बगल स्थित तालाब में नहाने चले गए। नहाते समय बलराम व तेजबहादुर अचानक गहरे पानी में चले गए और डूब गए। उधर से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर तलाब के बाहर पड़े दोनों के कपड़ों पर पड़ी। वहां कोई दिख नहीं रहा था। आसपास के लोगों को बुलाया गया। पता चला कि दो बच्चे लापता हैं।
ग्रामीणों ने तालाब में उतरकर तलाश शुरू कर दी। बीस मिनट चली तलाश के बाद तेजबहादुर व बलराम मिल गए। परिजन दोनों को लेकर मांडा सीएचसी पहुंचे जहां मौजूद डॉक्टर ने बलराम व तेजबहादुर को मृत घोषित कर दिया। दोनों बच्चों की मौत की खबर सुनकर एसडीएम कोरांव डा. कंचन व इंस्पेक्टर मांडा सुरेंद्र कुमार पांडेय मौके पर पहुंच परिजनों को ढांढस बंधाया। परिजनों के आग्रह पर पुलिस ने पंचनामा बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।
बिलखती रही मां
तेजबाहादुर कोल अपने मां बाप का इकलौता बेटा था। उसके पिता राजेश कुमार दिल्ली में रहकर मजदूरी करते है। इकलौते बेटे की मौत पर मां सन्नो देवी व बहन रागिनी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। बलराम दो भाईयों में बड़ा था। उसके पिता हरीश गांव में ही रहकर खेती किसानी के साथ अनाज भुनने का काम करते है। बलराम की मौत पर मां सुशीला देवी, छोटा भाई कन्हैया दहाड़े मारकर रोते-बिलखते रहे। दोनों घरों का करुण रुदन सुनकर मौजूद तमाम लोगों की आंख भर आईं।