नवाबगंज में 10 जुलाई को पूर्व प्रधान संतोष सिंह और उनके दोस्त हरेंद्र पर बदमाशों ने गोली चलाई थी। हरेंद्र की मौत हो गई थी। संतोष गंभीर रूप से घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले का एक दिन पहले ही खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी सुरेंद्र मौर्य, प्रधान पति धीरज सिंह और शालू सिंह को गिरफ्तार किया था।
नवाबगंज के मेंडारा गांव के पास शनिवार देर रात पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। बदमाशों की फायरिंग में सिपाही घायल हुआ तो पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। घटना में दो बदमाश घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बदमाशों ने दो लाख की सुपारी पर पूर्व प्रधान और उसके दोस्त को गोली मरने की बात स्वीकार की है।
विज्ञापन
नवाबगंज में 10 जुलाई को पूर्व प्रधान संतोष सिंह और उनके दोस्त हरेंद्र पर बदमाशों ने गोली चलाई थी। हरेंद्र की मौत हो गई थी। संतोष गंभीर रूप से घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले का एक दिन पहले ही खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी सुरेंद्र मौर्य, प्रधान पति धीरज सिंह और शालू सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने खुलासा किया था कि शूटर संजय मौर्य, शहंशाह और सौरभ मिश्रा ने घटना को अंजाम दिया था।
शनिवार देर रात पुलिस को सूचना मिली की नवाबगंज के मटियारा चौराहे के पास तीनों सुपारी किलर आने वाले हैं। पुलिस ने मटियारा चौराहे के पास मेंडारा गांव में घेरे बंदी की। उसी समय बाइक सवार बदमाश उधर से गुजरे। पुलिस के रोकने पर उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम में शामिल सिपाही मनजीत फायरिंग में घायल हो गया। इसके बाद पुलिस वालों ने बदमाशों पर फायरिंग की।
विज्ञापन
बाइक पर सवार दोनों बदमाश घायल होकर गिर पड़े। पूछने पर उन्होंने अपना नाम संजय मौर्य निवासी बहरिया और शहंशाह निवासी पुरानी चुंगी बताया। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती गया। उन्होंने स्वीकार किया है की पूर्व प्रधान संतोष सिंह की हत्या के लिए सुरेंद्र वर्मा ने ही कहा था। सुरेंद्र ने दो लाख देने का वादा किया था। 50 हजार एडवांस दिए गए थे। घटना वाले दिन सुरेंद्र ने ही तीनों शूटरों को संतोष की कार में बैठाया था। एसपी गंगापार अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि तीसरे शूटर सौरभ की तलाश की जा रही है।