Prayagraj: Thought of character strangled wife
मेजा (प्रयागराज)। सिरसा के कपसहाई गांव में शुक्रवार रात विष्णु केसरवानी ने पत्नी अंजू की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने कंट्रोल रूम को फोन कर पुलिस को बुलाया और जुर्म कुबूल कर लिया। विष्णु का कहना था कि अंजू का चालचलन ठीक नहीं था। समाज में बहुत बेइज्जती हो गई थी। इसी कारण उसे मार दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर विष्णु को गिरफ्तार कर लिया गया।
सिरसा के कपसहाई मुहल्ले के सोसाइटी के पास विष्णु केशरवानी का मकान है। वह पूणे में रहकर एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। उसकी पत्नी अंजू केशरवानी (32) अपने तीन बच्चों भूमि, आकाश और अक्षय के साथ यहां पर रहती थी। करीब 15 दिन पहले पहले विष्णु घर पर आया तो अंजू से उसके संबंध तनावपूर्ण हो गए। दोनों में अक्सर झगड़ा होने लगा था। दो बार मारपीट भी हुई थी। शुक्रवार रात में तीनों बच्चे घर के प्रथम तल पर सो रहे थ। विष्णु और अंजू दूसरे मंजिल पर सो रहे थे। रात में दोनों में फिर झगड़ा शुरू हो गया।
लोगों ने तेज आवाज में दोनों को लड़ते देखा। इसके बाद विष्णु ने गुस्से में अंजू की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने कंट्रोल रूम को फोन कर बताया कि उसने पत्नी को मार डाला है। सूचना मिलते ही डायल100 फोर्स के साथ सिरसा चौकी इंचार्ज दिनेश मिश्रा और कोतवाल मेजा मनोज पाठक पहुंच गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर विष्णु को गिरफ्तार कर लिया गया।
विष्णु ने बताया कि उसके बाहर रहने की वजह से अंजू का चाल चलन बिगड़ गया था। वह किसी की नहीं सुनती थी। पूरे पविार, बिरादरी और समाज में उसकी बेइज्जति हो रही थी। उसे सूचना मिली तो वह यहां इसीलिए आया कि वह सुधर जाए लेकिन, वह लड़ने पर अमादा रहती थी। वह ऊब गया था, इसी कारण उसने गला घोंट दिया।
रोते रहे बच्चे, पिता से बोले, क्यों मारा मां को
मेजा। सिरसा में अंजू की गला दबाकर हत्या किए जाने की घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। रात भर उनके बच्चों को घटना के बारे में भनक थी। सुबह उठे मां की मौत की खबर सुनते ही स्तब्ध रह गए। जब यह पता चला कि पिता ने मां को मारा है तो वह विष्णु से नाराज हो गए। पिता को झंझोड़ कर कहने लगे कि मां ने क्या बिगाड़ा था। उन्होंने क्यों मारा।