झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
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इसी दौरान सोशल मीडिया पर शवों के साथ ट्रक में बैठे घायलों की तस्वीर वायरल हुई, जिसके बाद झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने ट्वीट कर इसे अमानवीय व संवेदनहीन बर्ताव करार दिया। इस ट्वीट की जानकारी प्रदेश सरकार को हुई तो हड़कंप मचा। आननफानन में रविवार शाम सात बजे के करीब जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित दिल्ली-कोलकाता हाईवे पर ट्रकों को रोकवाया गया। इसके बाद छह एसी एंबुलेंस का इंतजाम किया गया और फिर शवों व मजदूरों को आगे के लिए रवाना किया गया।
तीन ट्रकों में थे 17 शव
मजदूरों के 17 शव कुल तीन ट्रकों से झारखंड के बोकारो व पश्चिम बंगाल के पुरुलिया भेजे जा रहे थे। इनमें से एक ट्रक के ड्राइवर ने पूछने पर मीडिया को बताया कि भीषण गर्मी के चलते शवों से दुर्गंध उठने लगी थी। जिसके बाद घायल मजदूरों का ट्रक में बैठना भी मुश्किल था। इसके चलते ही उसने कुछ मजदूरों को आगे चालक केबिन में बैठा लिया था।