रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि बिग बाजार के पीछे स्थित एक कैफे में कुछ लोग हुक्का पी रहे हैं। जिसके बाद शाम 5.30 बजे के करीब चौकी प्रभारी राजेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने कूपर रोड स्थित दे मिस्ट कैफे में छापा मारा। यहां भीतर हुक्काबार चलता मिला। पुलिस को देखते ही वहां भगदड़ मच गई। इस दौरान अन्य लोग तो भाग निकले लेकिन संचालक सावेज खां उर्फ सोनू व अजहर खान दोनों निवासी करेली को गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से हुक्का के साथ ही उसके फ्लेवर भी बरामद किए गए।
जांच में पता चला कि जिस बिल्डिंग में हुक्काबार चल रहा था, उसका मालिक शाहगंज का रहने वाला है। यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कैफे चलाने के नाम पर उससे जगह किराये पर ली थी। सिविल लाइंस पुलिस ने बताया कि अन्य किसी तरह का नशीला पदार्थ मौके से नहीं मिला। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
किसकी शह पर चल रहा खेल?
शहर के सबसे पॉश इलाके सिविल लाइंस में दो दिनों के भीतर दो हुक्काबार चलने से हड़कंप है। उधर इसे लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर किसकी शह पर हाईकोर्ट की रोक के बावजूद पुलिस की नाक के नीचे हुक्काबार का संचालन हो रहा है। दो दिन पहले क्राइम ब्रांच की टीम ने सुभाष चौराहे के पास स्थित होटल में छापा मारकर हुक्का व अन्य सामान बरामद किया था। वैसे यह खेल सिर्फ सिविल लाइंस का नहीं। उधर, हुक्काबार व क्षेत्र में संचालित हो रही अन्य गतिविधियों को लेकर सिविल लाइंस थाने के एक रिटायर पुलिसकर्मी की भूमिका भी खासा चर्चा में है।