धूमनगंज के गयासुद्दीनपुर भागलपुरवा से एक दिन पहले गायब बालू मजदूर लालजी का शव कोटवा रेलवे क्रॉसिंग के पास झाड़ियों में पड़ा मिला। परिजनों का आरोप है कि ईंट-पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी गई। उनकी तहरीर पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों ने बताया है कि रुपयों को लेकर दो दिन पहले उसका साथी से विवाद हुआ था। जांच की जा रही है।
लालजी (55) धूमनगंज के गयासुद्दीनपुर भागलपुरवा का रहने वाला था। वह बालू ढुलाई का काम करता था। परिजनों ने बताया कि रोज की तरह 13 जून की सुबह सात बजे के करीब वह काम पर जाने के लिए घर से निकला था। इसके बाद से उसका पता नहीं चला। शाम तक वापस नहीं आने पर खोजबीन शुरू की गई लेकिन, उसकी कोई खबर नहीं मिली। शुक्रवार सुबह कोटवा में रेलवे लाइन के किनारे अधेड़ का शव मिला। सूचना पर पुलिस पहुंची और फिर जानकारी मिलने पर बालू मजदूर के परिजन भी पहुंच गए। शव देखते ही वह बिलखने लगे और मृतक की शिनाख्त लालजी के रूप में की।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मृतक के शरीर पर चोट के निशान थे। उधर, परिजनों का आरोप है कि ईंट-पत्थर से हमलाकर उसकी हत्या की गई। हत्यारों ने प्राइवेट पार्ट पर भी ईंट से वार किए थे। पुलिस के पूछताछ करने पर परिजनों ने बताया कि दो दिन पहले रुपयों के लेनदेन को लेकर साथी मजदूर से मृतक का विवाद हुआ था। हालांकि उन्होंने अज्ञात में तहरीर दी है। सीओ व्रजनारायण सिंह ने बताया कि वजह अभी स्पष्ट नहीं है। तहरीर के आधार पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया है। परिजनों ने जिस विवाद के बाबत जानकारी दी है, उसे ध्यान में रखते हुए जांच पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उधर लाल जी की मौत के बाद पत्नी आशा व बेटे बसंत लाल का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक तरफ परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस को उलझा दिया है। दरअसल सूत्रों की मानें तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्टअटैक से मौत होने की बात सामने आई है। सिर व कमर में पीछे की ओर चोट के निशान मिले हैं लेकिन यह हल्की चोटें हैं। घुटने व कोहनी पर छिलने के निशान हैं। फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।
बालू मजदूर की हत्या के बाद धूमनगंज में सनसनी है। दरसअल, थाना क्षेत्र में पखवारे भर में यह दूसरी हत्या है। इससे पहले 29 मई को रहस्यमय हालात में गायब हुए नीवां निवासी भानू निषाद (38) पुत्र सुरेश निषाद की हत्या कर शव गंगा में फेंक दिया गया था। उसकी लाश 31 मई को दारागंज के दशाश्वमेध घाट पर मिली थी। दो मई को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव रखकर धूमनगंज थाने के सामने तीन घंटे तक प्रदर्शन किया था। तब जाकर पुलिस ने तीन लोगों पर रिपोर्ट लिखी। मामले के तीनों आरोपी गुड़वा, करन निषाद व करेलाबाग निवासी लकी उर्फ गदऊ जेल में हैं।