‘हम प्रधान के घर के सामने पहुंचे ही थे कि स्कूल में पढ़ने वाले प्रधान के बेटे ने मेरा हाथ पकड़कर खींचा। सत्यम ने टोका तो उसका कॉलर पकड़ लिया। मैं कुछ कर पाती, इससे पहले ही आठ लोगों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। इसमें चार बाहरी थे, जिन्हें मैं नहीं जानती।
सत्यम को घेरकर लकड़ी के पटरे और सरिया से मारा गया। वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर गया और फिर नहीं उठा। मेरी आंखों के सामने मेरे भाई को मार डाला।’ जिस चचेरी बहन से छेड़खानी के विरोध पर सत्यम की हत्या हुई, वह मंगलवार को जब यह बातें बता रही थीं तो उसकी आंखें छलक पडीं।
उसने बताया कि जिस वक्त सत्यम को घेरकर हमला किया गया, ग्राम प्रधान यूसुफ पास ही खड़ा था। वह हमलावरों को उकसा रहा था। इस पर उसने प्रधान के पैर पकड़कर कहा कि उसके भाई को छोड़वा दे। लेकिन उसकी बात सुनने की बजाय उसने गाली देते हुए उसे लात से धकेल दिया।
भाई लहूलुहान होकर गिरा तो वह उसे पकड़कर मदद की गुहार लगाने लगी लेकिन कोई आगे नहीं आया। वह मजबूर होकर खून से लथपथ भाई को पकड़कर तब तक बैठी रही जब तक कि पुलिस नहीं आई। उधर हमलावर भाग निकले।
दस्तखत करने का बनाया दबाव
मृतक की चचेरी बहन ने यह भी आरोप लगाया कि घटना की सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मी परिजनों के आने से पहले ही सत्यम को लेकर चले गए। इससे पहले एक कागज पर दस्तखत करने को भी कहा। उसने इन्कार किया तो कहा कि बिना दस्तखत किए इलाज नहीं शुरू हो पाएगा। जब उसने मना कर दिया तो उसे लेकर चले गए।
पढ़ाई छुड़वा दी जाती, इसलिए नहीं की शिकायत
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधान का बेटा व उसके परिवार के युवक पहले भी दबंगई करते रहे हैं। स्कूल में गालीगलौज के साथ ही वह बात-बात पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
उन्होंने घटना से पहले स्कूल में भी सत्यम से गालीगलौज की थी और उसे बाहर देख लेने की धमकी भी दी थी। वह आते-जाते कमेंट भी करते थे। यह पूछने पर कि क्या पहले कभी पुलिस से उसने या उसके परिजनों ने शिकायत की, तो छात्रा ने कहा कि मम्मी-पापा पढ़ाई छुड़वा देते, इसलिए शिकायत नहीं की।
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तीन नाबालिग समेत पांच गिरफ्तार
प्रयागराज के खीरी में चचेरी बहन से छेड़खानी के विरोध पर सोमवार को 10वीं के छात्र सत्यम शर्मा(16) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने बीच सड़क पर घेरकर उस पर पटरे से हमला किया, जो दूसरे समुदाय से हैं। पुलिस ने घटना में तीन नाबालिग समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा थानाध्यक्ष और चौकी इंचार्ज को पुलिस आयुक्त ने सस्पेंड कर दिया है।