पीजीआई में मरीज को महंगा पड़ता है घुटना ट्रांसप्लांट
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पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए चोरों ने एसआरएन अस्पताल से 15 लाख रुपये कीमत की आर्थोपेडिक इंप्लांट किट चोरी कर ली। घटना आर्थो विभाग के वार्ड नंबर दो स्थित रेजीडेंट रूम में हुई। बृहस्पतिवार को पुलिस ने इस मामले में एक संविदाकर्मी को हिरासत में ले लिया है।
अल्लापुर निवासी वीरेन्द्र कुमार सिंह आर्थोपैडिक इम्प्लान्ट एवं सर्जिकल पार्ट्स आपूर्ति करने वाली कंपनी के कर्मचारी हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि एसआरएन अस्पताल के डॉ. सचिन यादव ने इम्पोर्टेड आर्थोपेडिक इम्प्लान्ट किट मंगवाई थी, जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये है। 12 मार्च को यह किट आर्थो विभाग के वार्ड नंबर दो स्थित रेजीडेंट कक्ष में में डॉ. विजय को बताकर रख दी थी।
अगले दिन यह किट गायब मिली। अस्पताल में लगा सीसीटीवी फुटेज देखा गया तो कुछ लोग किट को चोरी करके ले जाते हुए दिखाई दिए हैं। इस सूचना के बाद मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने फुटेज में दिख रहे लोगों के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि इसमें से एक स्वास्थ्य विभाग में तैनात संविदा कर्मचारी है। सूत्रों की मानें तो उसने ही अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। हालांकि कोतवाली इंस्पेक्टर बच्चेलाल इससे इंकार करते रहे। उनका कहना है कि जांच की जा रही है। वैसे एक बड़ा सवाल यह भी है कि अस्पताल परिसर में ही पुलिस चौकी होने के बावजूद चोर आखिर कैसे इंप्लांट किट ले जाने में सफल हुए।