23 वर्षीय पप्पू चौधरी ने पर्यावरण बचाओ का सन्देश लेकर उत्तर से पश्चिम और पूरब से पश्चिम की परिक्रमा करके सन 2025 तक माउंट एवेरस्ट के बेस कैम्प तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। हाल ही में वह लेह लद्दाख, राजस्थान, गुजरात और पूर्वी उत्तर प्रदेश का सफर करके चित्रकूट के लिए रवाना हुए।
पर्यावरण बचाओ का संदेश लेकर रोटेरियन पप्पू चौधरी 50 हजार किलोमीटर लंबी साइकिल यात्रा पर रवाना हो गए। 2025 तक उन्होंने उत्तर से पश्चिम और पूरब से पश्चिम की परिक्रमा करते हुए माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। रोटरी क्लब निगौर के सदस्य पप्पू चौधरी को शनिवार को रोटरी क्लब के पूर्व मंडलाध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने राष्ट्रीय ध्वज दिखाकर रवाना किया। इसके पहले वह 16500 किलोमीटर का सफर साइकिल से सफलता पूर्वक पूरा कर चुके हैं।
विज्ञापन
23 वर्षीय पप्पू चौधरी ने पर्यावरण बचाओ का सन्देश लेकर उत्तर से पश्चिम और पूरब से पश्चिम की परिक्रमा करके सन 2025 तक माउंट एवेरस्ट के बेस कैम्प तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। हाल ही में वह लेह लद्दाख, राजस्थान, गुजरात और पूर्वी उत्तर प्रदेश का सफर करके चित्रकूट के लिए रवाना हुए। बड़ी बात यह है कि वह अकेले ही इस साइकिल पर आवश्यक सामान बांध कर सफर कर रहे हैं। करीब 180 किलोमीटर प्रतिदिन चल रहे हैं।
कभी-कभी तो वह टेंट लगाकर रात गुजार लेते हैं। वह जहां ठहरते हैं उस गांव के लोग उनका विशेष ध्यान रखते हैं। इस मौके प्रोफ़ेसर योगेश्वर तिवारी, अनिल अग्रवाल, डॉ. अर्चना सिन्हा, अध्यक्ष अजय कुमार सिन्हा, प्रकाश आजाद, संजीव अग्रवाल, प्रदीप मिश्रा आदि रहे। रोटरी प्रयागराज के सदस्य संजीव गोयल ने भी अपनी साइकिल पर नैनी तक चौधरी का साथ दिया और वहां से शुभ कामनाओं के साथ उनहो आगे के लिए विदा किया।