कुंभ-2025 की तैयारी तेज, सड़क चौड़ीकरण के मांगे गए प्रस्ताव
प्रयागराज। कुंभ-2025 की तैयारी तेज हो गई है। सड़क चौड़ीकरण एवं सुंदरीकरण के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। इसके लिए सर्वे और प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी चयनित एजेंसी को सौंपी गई है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण के निर्देशन में काम करने वाली एजेंसी जलभराव की समस्या का समाधान भी तलाशेगी।
कुंभ-2025 की तैयारी के तहत विभागवार कार्यों की सूची पहले से तैयार की जा रही है। अब विधानसभा चुनाव के बाद इसकी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
कुंभ-2019 में कई मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुंदरीकरण हुआ था। इसी क्र्रम में संगम क्षेत्र को जोड़ने तथा आसपास की अन्य सड़कों पर विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराने का निर्णय लिया गया है। इनमें वे मार्ग भी शामिल हैं जिनके विकास की योजना 2019 में ही बनाई गई थी लेकिन बजट तथा अन्य कारणों से काम शुरू नहीं हो सका।
इसी क्रम में मंडलायुक्त संजय गोयल ने सोमवार को बैठक में अफसरों को सर्वे कराके प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। प्रस्ताव में इस पर भी जोर रहेगा कि कहीं जलभराव की समस्या न होने पाए। भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिजली के केबिल को भूमिगत करने की भी योजना बनाई गई है।
कई सड़कें मानक के अनुरूप नहीं
कई सड़कों के मानक के अनुरूप निर्माण नहीं होने की शिकायतें हैं। इस तरह की शिकायतें निर्माणाधीन सड़कों को लेकर भी हैं। इन खामियों को दूर करने के लिए प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी जलभराव के कारणों एवं उससे निजात की बाबत भी रिपोर्ट तैयार करेगी।
कुंभ-2019 से सबक लेने की नसीहत
कुुंभ-2019 में कई प्रस्ताव अधूरे रहे गए या विकास कार्य शुरू ही नहीं हो पाए। यही स्थिति स्मार्ट सिटी की कई योजनाओं को लेकर भी है। मंडलायुक्त ने इससे सीख लेते 2025 के लिए प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा। ताकि, कोई योजना बीच में न रुके।
महीने के आखिरी सप्ताह में बैठक संभावित
एमएलसी चुनाव की अधिसूचना 16 अप्रैल को खत्म हो जाएगी। इसके बाद प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे। इसी क्रम में विभागवार होने वाले कार्यों के लिए भी प्रस्ताव मांगे गए हैं। अप्रैल महीने के आखिरी सप्ताह में सभी विभागों की बैठक संभावित है। इसमें कुंभ के मद्देनजर होने वाले कार्यों पर चर्चा होगी।
छात्रवृत्ति वितरण अनियमितता की जांच शुरू, पहुंची टीम
प्रयागराज। समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति में अनियमितता की शिकायत की जांच सोमवार को शुरू हो गई। उप निदेशक मंजूश्री की अगुवाई में ऑडिट टीम ने गंगापार के अलग-अलग स्कूलों का दौरा किया तथा शिक्षकों से पूछताछ की। विगत वर्षों में कई अपात्र विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति दे दी गई। इस तरह की शिकायत सात शिक्षण संस्थानों में ज्यादा है। ऑडिट में यह बात सामने आने के बाद निदेशालय ने उप निदेशक को जांच सौंपी है। इसी क्रम में दो ऑडिटर ने सोमवार को जांच शुरू की।