लंबे समय से आंदोलनरत थे छात्र
दर्जनों छात्र हिरासत में भी लिए गए हैं। रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड के परिणाम में अनियमितता का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलनरत हैं। मंगलवार को दिन में करीब एक बजे अचानक सैकड़ों प्रतियोगी छात्र छोटा बघाड़ा में एकत्र हुए। फिर जुलूस बनाकर सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए वे प्रयाग स्टेशन पहुंचे। प्रतियोगियों की बड़ी संख्या को देखते हुए पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था तथा दुकानें बंद होने लगीं। स्टेशन पहुंचे प्रतियोगी छात्र कानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के इंजन के सामने ट्रैक पर बैठ गए थे।
पुलिस ने कई लॉज के दरवाजे तोड़ दिए तथा छात्रों की पिटाई की। पुलिस की इस कार्रवाई से प्रतियोगी छात्रों में जबरदस्त नाराजगी है तो अलग-अलग संगठन के लोगों ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
आधे घंटे देर से रवाना हुई कानपुर इंटरसिटी
रेलवे भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के आंदोलन की वजह से प्रयाग स्टेशन पर खड़ी कानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस आधे घंटे देर से रवाना हो सकी। ट्रेन की रवानगी का समय हो रहा था। उसी समय सैकड़ों प्रतियोगी छात्र इंजन के सामने ट्रैक पर बैठ गए। इसकी वजह से ट्रेन समय से रवाना नहीं हो सकी।
क्रॉसिंग बंद होने से शहर में लगा जाम
प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन की वजह से छोटा बघाड़ा, बख्शी बांध तथा एलनगंज रेलवे क्रॉसिंग भी बंद करनी पड़ी। इसकी वजह से इन स्थानों पर क्रॉसिंग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई तथा काफी देर तक जाम लगा रहा। इससे शहरियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। करीब एक घंटे बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
ये थी मांग
प्रतियोगियों का कहना था कि आरआरबी ने ग्रुप डी के पदों के लिए एक ही भर्ती परीक्षा कराने की घोषणा की थी, लेकिन अब दो परीक्षाएं कराई जा रही हैं। प्रतियोगी छात्र इसका विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा उनका यह भी कहना था कि स्क्रीनिंग परीक्षा में एक पद के सापेक्ष 20-20 अभ्यर्थियों को क्वालीफाई कराने की घोषणा की गई थी, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे प्रतियोगी हैं, जिन्हें चार से पांच वर्ग में क्वालीफाई कराया गया।