कोरांव से रामदेव निडर बने प्रत्याशी
रामदेव निडर मूलरूप से कोरांव विधानसभा क्षेत्र के मेजा गांव निवासी हैं और शुरुआत से ही समाजवादी कार्यकर्ता रहे हैं। मेजा विधानसभा से एक बार समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ चुके रामदेव निडर को कोरांव विधानसभा के गठन के बाद 2017 में समाजवादी पार्टी का टिकट मिला था, लेकिन कांग्रेस पार्टी से गठबंधन होने के कारण चुनाव नहीं लड़े थे।
संदीप पटेल बारा के मूल निवासी हैं। उनका ननिहाल जफरा मसौली मांडा है, जहां पर संदीप रहते हैं। संदीप छात्र जीवन से ही जुझारू नेता थे। 1993 में एडीसी में अध्यक्ष चुने गए थे। उसके बाद से सपा की राजनीति कर रहे हैं।
इसके पहले सपा में पूर्व प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके संदीप इस समय सपा जिला महासचिव हैं। इन्होंने सन 2002 में बारा से अपना दल से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। जिसमें इनको लगभग 20 हजार वोट मिले थे। इसके कुछ समय बाद ही इन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले ली थी।
उज्ज्वल रमण पर सपा ने फिर जताया भरोसा
गीता पासी सोरांव विधानसभा अंतर्गत के थरवई थाना क्षेत्र के मिताई का पूरा गांव की निवासी हैं, जो पिछली बार विधानसभा चुनाव में सोरांव विधानसभा से बहुजन समाज पार्टी की उम्मीदवार थीं। इस दौरान इन्होंने अपना दल एस के उम्मीदवार डॉक्टर जमुना प्रसाद सरोज से तकरीबन 17000 वोटों से पराजित हुई थीं।
उज्जवल रमण सिंह वरांव रियासत से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता रेवती रमण सिंह करछना से सात बार विधायक रहे और इलाहाबाद संसदीय सीट से दो बार सांसद भी रह चुके हैं और वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। उनकी विरासत को आगे बढ़ाते हुए उज्ज्वल रमण करछना विधानसभा से दो बार विधायक और मंत्री पद पर भी रह चुके हैं।
राजनीति में आने से पहले वे लखनऊ हाईकोर्ट बेंच में वकालत करते थे। 2017 में भाजपा की लहर के बावजूद भाजपा प्रत्याशी पीयूष रंजन निषाद को बड़े अंतर से शिकस्त दे चुके हैं। वर्तमान मैं विधायक होने के साथ ही सपा की ओर से पुनः प्रत्याशी बनाए गए हैं। जिससे करछना विधानसभा के सपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है। विपक्ष में होने के बावजूद जनता के बीच 5 साल हमेशा मौजूद रहे।