झोलाछाप पिता के साथ मरीजों को दवा देते रोहित बन बैठा डॉक्टर
दरोगा के बेटे पंकज यादव की रुपये के लिए हत्या करने वाला रोहित मनबढ़ स्वभाव का है। वह अपने झोला छाप पिता अमरनाथ के साथ मरीजों को दवा देने में हाथ बटाता था। उनके साथ रहते हुए वह मरीजों को इंजेक्शन लगाने से लेकर दवा भी देने लगा था। कुछ दिनों तक प्रयागराज में किसी प्राइवेट अस्पताल में भी काम किया। बाद में उसने क्लीनिक खोल ली। बताते हैं कि झोलाछाप चिकित्सक अमरनाथ के खिलाफ लोगों की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई भी की थी। कुछ दिनों तक क्लीनिक बंद थी लेकिन बाद में फिर संचालन करने लगा।
मामूली विवाद में गाजी की बाग में मारी थी गोली
झोलाछाप डॉक्टर बने रोहित ने तीन साल पहले रानीगंज के गाजी की बाग में मामूली विवाद में युवक को गोली मार दी थी। इसके अलावा रोहित ने होमगार्ड रविंद्र यादव और डॉक्टर एसएम यादव को भी सरेआम पीटा था। उसके खिलाफ रानीगंज व फतनपुर में पांच मुकदमे दर्ज हैं। पहला मुकदमा वर्ष 2017 में दर्ज हुआ था। वह कब किससे विवाद कर ले। इस बात का कोई ठिकाना नहीं रहता था। मारपीट व विवाद को देखते हुए वह प्रयागराज जाकर क्लीनिक खोल लिया। रामापुर समेत आसपास के लोगों को एसआरएन में डॉक्टर की नौकरी करने की बात बताता था। इतना ही नहीं दूसरों को नौकरी दिलाने का दावा भी करता था। उसकी मानधाता के हैंसी में शादी हुई है।
मां लड़ चुकी है प्रधान का चुनाव, पांच भाइयों में तीसरे नंबर का है रोहित
बिना किसी डिग्री के डॉक्टर बना रोहित यादव पांच भाई हैं। बड़ा भाई मुलायम यादव बहरिया ससुराल में रहता है। दूसरे नंबर का भाई जौनपुर में कृषि रक्षा इकाई में कार्यरत है। दो छोटे भाई मान सिंह और सुरजीत सिंह घर पर ही रहकर शटरिंग का काम करते हैं। मां सोना देवी रामापुर से प्रधान पद पर चुनाव लड़ चुकी हैं।