Prayagraj News : अतीक अहमद और उसका पुत्र। फाइल फोटो
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करेली पुलिस रंगदारी न देने पर कार्यालय ढहाने व जानलेवा हमले के मामले में फरार चल रहे जिस अतीक अहमद के बेटे अली व उसके गुर्गों की तलाश में धूल फांक रही है। वह इन दिनों अपनी जमानत केइंतजाम में लगे हैं। हाल यह है कि 22 दिन बाद भी फरार छह नामजद आरोपियों में से एक को भी नहीं पकड़ा जा सका है। उधर आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित दहशत में है।
31 दिसंबर को करेली के ऐनुद्दीनपुर में हुई घटना से सनसनी फैल गई थी। यहां रहने वाले अतीक के रिश्तेदार जीशान उर्फ जानू ने आरोप लगाया था कि अली अपने साथियों संग बुलडोजर लेकर आया और उसका कार्यालय ढहा दिया। इसके बाद अपने अब्बू से जबरन बात कराई जिसने जमीन या पांच करोड़ रुपये पहुंचाने की धमकी दी। इसके बाद सभी ने उसे व उसके दो रिश्तेदारों को मिलकर बुरी तरह पीटा।
मामले में नौ लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई जिसमें से दो सैफ व फहद को मौके से ही पकड़ लिया गया। लेकिन अली व उसके साथियों का अब तक नहीं पता चल सका है। करेली एसओ अनुराग शर्मा का दावा है कि उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। न सिर्फ शहर के विभिन्न इलाकों बल्कि कौशाम्बी, फतेहपुर में भी उनके संभावित ठिकानों पर पहुंचकर तलाश की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला। फिलहाल टीमें लगी हुई हैं।
गुर्गे ने ले ली थी अग्रिम जमानत
अतीक के बेटे अली के साथ ही इस मामले में मो. असाद, आरिफ उर्फ कछौली, संजय सिंह, इमरान, अमन भी फरार हैं। अतीक के खास गुर्गे असाद पर पिछलेे साल सितंबर में जमीन कब्जाने के लिए धमकी-गालीगलौज का मामला करेली में दर्ज किया गया था। इस घटना का वीडियो वायरल होने के कई दिनों बाद पुलिस ने केस लिखा था।
इस मामले में भी पुलिस उसे ढूंढ़ नहीं सकी थी और उसे अग्रिम जमानत मिल गई थी। असाद इससे पहले धूमनगंज थाने में जमीन कब्जाने व रंगदारी मांगने में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। यही नहीं माफिया के खिलाफ चले अभियान के दौरान पीडीए ने करेली में उसकी ओर से सैकड़ों बीघा जमीन पर की गई अवैध प्लाटिंग भी उजाड़ी थी।