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प्रयागराजः सीबीआई के राडार में कई अन्य विभागों के अफसर, पहले भी हुई है कार्रवाई

Sun, 10 Mar 2019 10:07 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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मुंबई में सीबीआई गिरफ्तारी
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डीआरएम ऑफिस के सिगनलिंग विभाग के दो सीनियर अफसरों के रंगेहाथ पकड़े जाने के मामले के साथ ही सीबीआई के राडार में तीन अन्य विभागों के  भी अफसर आ गए हैं। ताया जा रहा है कि पिछले कुछ माह के दौरान सिगनलिंग के साथ इंजीनियरिंग, सप्लाई एवं फाइनेंस विभाग के भी कुछ अन्य अफसर भी सीबीआई के राडार में है।हालांकि एनसीआर गठन के बाद यह पहला मौका नहीं है कि जब सीबीआई यहां आई। एनसीआर मुख्यालय के साथ डीआरएम ऑफिस में पहले भी सीबीआई द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है। 
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डीआरएम ऑफिस में तैनात सीनियर डीएसटीई नीरज पुरी गोस्वामी और डीएसटीई पीके सिंह की शिकायत काफी पहले ही सीबीआई को मिल गई थी। इन्हें रंगेहाथ पकड़ने के लिए प्लानिंग की गई। इसके बाद ही दोनों को रंगेहाथ पकड़ा जा सका। इस बीच दोनों अफसरों की गिरफ्तारी के बाद इलाहाबाद मंडल की एक टीम करछना भी गई, जहां फ्लाई ओवर का निर्माण हुआ।  इलाहाबाद मंडल में इसके पूर्व रविवार को  सीनियर अफसरों की एक बैठक भी  हुई। उधर  राजापुर स्थित सीनियर डीएसटीई के आवास पर एवं जीपीओ के सामने डीएसटीई के आवास पर दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं दूसरी ओर डीआरएम ऑफिस और एनसीआर मुख्यालय में सीबीआई का आना कोई नई बात नहीं  है।

छले वर्ष आय से अधिक  संपत्ति मामले में आरपीएफ इंसपेक्टर संजय सिंह के खिलाफ सीबीआई  ने कार्रवाई की थी। तब संजय को सस्पेंड भी किया गया। आरपीएफ के ही पूर्व मुख्य सुरक्षा आयुक्त डा. पीएन सिंह देव के ऑफिस में भी कुछ वर्ष  पूर्व सीबीआई ने छापा मारा था। इसके अलावा आरआरबी इलाहाबाद के चेयरमैन पीके सांघी के खिलाफ भी सीबीआई ने जांच की थी। तब पीके सांघी को जेल  की भी हवा खानी पड़ी। रेल भर्ती प्रकोष्ठ के चेयरमैन भी एक अन्य मामले  में सीबीआई जांच के बाद जेल भेजे गए। साथ ही डीआरएम ऑफिस में वर्ष 2007-2008 में रेलवे के खाते से 1.5 करोड़ रुपये निकाले जाने के मामले में एक अफसर के खिलाफ सीबीआई ने कार्रवाई की थी। 
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