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प्रयागराज : माघ मेला में अब सिर्फ तीन दिन शेष, कल्पवासियों के टेंट तक नहीं लगे

Mon, 10 Jan 2022 10:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

गाटा मार्गों पर बिजली के तार-खंभे तक नहीं, पेयजल के कनेक्शन न होने से श्रद्धालुओं की फजीहत तय। प्रथम स्नान पर्व मकर संक्रांति 14 को, तैयारियां अधूरी होने से हर तरफ दिक्कतों की भरमार
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Prayagraj News : माघ मेले की तैयारी में जुटे मजदूर। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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माघ मेले के प्रथम स्नान पर्व मकर संक्रांति में अब सिर्फ तीन दिन शेष रह गए हैं, लेकिन संगम की रेती पर अभी शिविरों को बसाने का काम पूरा नहीं हो सका है। गाटा मार्गों पर तार-खंभे तक नहीं पहुंच सके हैं। पेयजल लाइनें बिछाने का काम भी अधूरा है। ऐसे में यही हाल रहा तो मेला शुरू होने पर लाखों कल्पवासियों और साधु-संतों की फजीहत होनी तय है।

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प्रथम स्नान पर्व का समय नजदीक आने के बावजूद आधी-अधूरी तैयारी से कल्पवासियों के शिविरों को बसाने का काम अभी तक शुरू नहीं हो सका है। कई तीर्थपुरोहितों को अभी भूमि तक नहीं मिल सकी है। काली मार्ग पर तुलसी चौराहा और प्रयागवाल थाना से आगे विद्युतीकरण का काम न होने से गिनती के लगे शिविरों में अंधेरा है। ऐसे में नए टेंट खड़ा करने में दिक्कतें आ रही हैं। गाटा मार्गों पर तो इंतजाम अब तक नदारद हैं।

गाटा मार्गों पर बिजली के तार-खंभे नहीं पहुंच सके हैं। मौसम की खराबी और ठेकेदारों की सुस्ती से काम पिछड़ता जा रहा है और संतों-भक्तों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। अरैल में भी अभी तक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। लाइट न लग पाने की वजह से मेले में प्रवेश करने वाले मार्गों पर शाम होते ही अंधेरा छा जा रहा है। ऐसे में मध्यप्रदेश और मिर्जापुर के अलावा अन्य इलाकों से आने वाले श्रद्धालुओं और कल्पवासियों को जबरदस्त दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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Prayagraj News : बारिश के चलते माघ मेले की तैयारी प्रभावित हो रही है। - फोटो : प्रयागराज
बिजली और पानी की भी नहीं है व्यवस्था
बड़ी संख्या में कल्पवासी अरैल तट पर भी महीने भर कल्पवास करते हैं, लेकिन तैयारियां अधूरी होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह सेक्टर तीन, चार और पांच में भी सुविधाओं का अभाव है। गिनती के शिविरों में बिजली, पानी न होने और चकर्ड प्लेट मार्गों के कीचड़ से सराबोर होने की वजह से लोगों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई सड़कों पर चकर्ड प्लेट न बिछने और पानी का कनेक्शन न होने से लोग परेशान हैं।

दलदल में तब्दील मार्गों और मेला क्षेत्र में बालू न पाटे जाने की वजह से न तो लोग चल पा रहेे हैं और ना ही शिविर लग पा रहेे हैं। जल निगम की पेयजल लाइनें तो मुख्य मार्गो प सेक्टरवाइज बिछा दी गई हैं, लेकिन नल लगाए जाने के स्थान तक चिह्नित नहीं किए गए हैं। जगह-जगह पाइप ऐसे ही पड़ी हुई हैं। घाटों के समतलीकरण का काम अभी भी अधूरा है। इस सुस्त चाल से हर कोई परेशन है।

Prayagraj News : माघ मेले में चल रही तैयारी। - फोटो : प्रयागराज
एटीएस की टीम ने संभाला मोर्चा, मेला क्षेत्र का किया भ्रमण

माघ मेले के मुख्य स्नान पर्व से तीन दिन पहले आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) की टीम ने मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार को पूरी टीम ने मेला क्षेत्र का भ्रमण किया और चप्पे-चप्पे का जायजा लिया। मेला एसपी डॉ. राजीव नारायण मिश्र के नेतृत्व में टीम ने मेला क्षेत्र में गहनता से छानबीन की। आतंकी खतरों के मद्देनजर माघ अथवा कुंभ मेला हमेशा ही संवेदनशील माना जाता रहा है।

यही वजह है कि यहां हर बार आतंकी खतरों से निपटने के लिए बनाई गई एटीएस की टीम तैनात की जाती है। इसी के तहत सोमवार को एटीएस क ी टीम सबसे पहले संगम नोज पर पहुंची और बड़े हनुमान मंदिर व आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद पूरे मेला क्षेत्र का भ्रमण किया। 
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जंक्शन पर बिना मास्क इंट्री नहीं 

रेलवे ने माघ मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ ही जंक्शन समेत सभी रेलवे स्टेशनों पर बिना मास्क यात्रियों को इंट्री नहीं दिए जाने का फरमान जारी किया है। इसके लिए सभी स्टेशनों के गेट पर दो टीमें भी लगाई जा रही हैं। यह व्यवस्था प्रयागराज छिवकी, नैनी स्टेशन पर भी लागू रहेगी। 

इस बीच माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व पर आने वाली भीड़ और कोरोना संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए रेलवे ने रिजर्वेशन करवाने वाले यात्रियों से आग्रह किया है कि वह एक घंटे पहले स्टेशन पहुंचे। एनसीआर प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित सिंह का कहना है कि मेला अवधि में भीड़ बढ़ने पर तमाम इंतजाम किए जा रहे हैं। ऐसे में यात्रियों को प्लेटफार्म पर पहुंचने में समय लग सकता है। इसलिए ट्रेनों में रिजर्वेशन कराने वाले यात्री घंटे भर पहले जंक्शन पहुंचे।

मेला अवधि में अलग-अलग गेटों से यात्रियों को इंट्री देने की भी तैयारी है। इस दौरान जंक्शन पर चार यात्री आश्रय स्थल से यात्रियों को प्रवेश दिया जाएगा। यहां प्रत्येक आश्रय स्थल की क्षमता 2500 यात्रियों की है। सभी आश्रय स्थल पर यात्री सुविधाओं का इंतजाम रहेगा। यहां पूछताछ काउंटर, ट्रेन टाइमिंग डिस्प्ले बोर्ड, उद्घोषणा प्रणाली, पीने के पानी, प्रकाश, शौचालय आदि की व्यवस्था रहेगी। साथ ही सभी प्लेटफार्म पर मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी। दिव्यांग जन यात्रियों के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था भी रहेगी। सुरक्षा की दृष्टि से सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर आरपीएफ और जीआरपी के जवान तैनात रहेंगे। 
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