आरोपी शिक्षक रह चुका है छात्रनेता
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की। इसका वीडियो वायरल हुआ। मामला बीएसए के संज्ञान में आया। इस पर बीएसए ने शिक्षक को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब मांगा है।
बीएसए का कहना है कि प्रदेश में आचार संहिता लागू होने के बाद किसी राजनैतिक दल का प्रचार, मंच से भाषण देना और संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करना कर्मचारी आचरण नियमावली के खिलाफ है। इस पर शिक्षक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब न देने संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि आरोपित शिक्षक पूर्व में इविवि छात्रसंघ के नेता रहे चुके हैं।