कछारी इलाके के लोग कंट्रोल रूम में फोन करके जलस्तर की लेते रहे जानकारी
कछारी इलाके के लोगों की गंगा और यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर है। लोगों ने घरों की दीवारों पर निशान लगा रखे हैं तो कंट्रोल रूम में फोन करके भी लगातार जानकारी ले रहे हैं। कानपुर से अधिक पानी छोड़े जाने की सूचना तथा सिंचाई विभाग की ओर से जारी अलर्ट के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
राजापुर के आशीष मिश्रा, बेली कछार के मोहम्मद सुलेमान समेत कई लोगों ने कंट्रोल रूम में फोन किया और सभी का यही सवाल रहा कि आगे क्या होगा। बेली कॉलोनी की गायत्री देवी ने कानपुर से छोड़े गए पानी के प्रभाव में भी जानकारी ली। हालांकि उन्हें बहुत स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही। गायत्री देवी का कहना था कि पानी घटने की बात तो बताई गई लेकिन आगे क्या होगा इस बारे में स्पष्ट जाकनारी नहीं मिल पा रही।
बेली कछार के ऋषभ, चंदन वर्मा आदि के घरों के पास तक पानी पहुंच गया है। हालांकि, अभी उनके सामने पानी नहीं आया है। उन लोगों ने दीवार पर निशान लगा रहा है। चंदन का कहना है मंगलवार से ही गंगा का जलस्तर स्थिर बना हुआ है लेकिन घट भी नहीं रहा। उन्होंने बताया कि प्रशासन की टीम आई थी। उनका कहना था कि पीछे से अभी पानी आ रहा है। ऐसे में जलस्तर बढ़ सकता है। इसे देखते हुए उन लोगों ने प्रथम तल से सामान भी नहीं उतारा है।
बाढ़ से प्रभावित मोहल्ले एवं गांव
सदर तहसील के अंतर्गत कछार मऊ, मऊ सरैया, बघाडा जहरूद्दीन, बघाडा बालन, मेहदौरी कछार, शिवकुटी,नेवादा, बेली, सलोरी,दारागंज में बाढ़ का पानी घुस गया है। फुलपुर में सोनौटी, बदरा धोकरी, लीलापुर, करछना में देहली, भगेसर, मेजा में झरियारी, अमिलिया खुर्द एवं सोरांव में फाफामउ, गंगानगर बाढ़ से प्रभावित हैं।
जलस्तर घटा लेकिन शिविरों में बढ़ी संख्या
बुधवार को गंगा एवं यमुना के जलस्तर में मामूली कमी जरूर दर्ज की गई लेकिन बाढ़ राहत शिविरों में संख्या बढ़ गई है। मंगलवार तक चार शिविर कैंट मैरेज हाल, ऐनी बेसेंट स्कूल, महबूब अली इंटर कॉलेज तथा ऋषिकुल विद्यालय संचालित थे। इनमें 1350 लोग थे वहीं बुधवार को
गंगानगर स्थित रीगल गेस्ट हाउस भी राहत शिविर में तब्दील हो गया। इसमें 11 परिवार के 60 लोग पहुंच गए हैं।
कंट्रोल रूम नंबर
0532-2641577, 0532-2641578, 0532-2641597, 0532-2641598, 1077