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Prayagraj News : घटने लगा गंगा-यमुना का जलस्तर, लेकिन खतरा बरकरार,  कानपुर बैराज से फिर छोड़ा गया पानी

Thu, 11 Sep 2025 05:00 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Prayagraj Flood News : गंगा और यमुना के जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई है लेकिन बाढ़ का खतरा अभी बना हुआ है। कानपुर बैराज से अधिक पानी छोड़ा गया है। ऐसे में गंगा के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी के आसार बन गए हैं।
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राजापुर इलाके में भरा बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गंगा और यमुना के जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई है लेकिन बाढ़ का खतरा अभी बना हुआ है। कानपुर बैराज से अधिक पानी छोड़ा गया है। ऐसे में गंगा के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी के आसार बन गए हैं। इसके अलावा टोंस नदी में भी पानी भरा है। इससे चुनौती और बढ़ गई है। सिंचाई विभाग के अफसरों के अनुसार जलस्तर खतरे के निशान को भी पार कर सकता है।

सिंचाई विभाग की बुधवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.11 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में गिरावट भी शुरू हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार दिन में 12 से चार बजे के बीच दो सेमी की गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह से यमुना का जलस्तर 83.88 मीटर रहा। दिन में 12 से चार बजे के बीच एक सेमी की गिरावट भी दर्ज की गई।इस तरह से दोनों नदियाें के जलस्तर में गिरावट से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने राहत महसूस की लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।

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सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार शाम चार बजे 442793 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ जो सुबह आठ बजे छोड़े गए पानी से 9304 क्यूसेक अधिक रहा। इसकी वजह से एक-दो दिनों में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के आसार हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा है कि यही स्थिति रही तो दोनों नदियों जलस्तर खतरे के निशान को भी पार कर सकता है। अफसरों के अनुसार टोंस नदी में भी अधिक पानी आ रहा है। इसकी वजह से संगम के बाद पानी तेजी से नहीं निकल पा रहा। इससे भी चुनौती बढ़ गई है।

कछारी इलाके के लोग कंट्रोल रूम में फोन करके जलस्तर की लेते रहे जानकारी

कछारी इलाके के लोगों की गंगा और यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर है। लोगों ने घरों की दीवारों पर निशान लगा रखे हैं तो कंट्रोल रूम में फोन करके भी लगातार जानकारी ले रहे हैं। कानपुर से अधिक पानी छोड़े जाने की सूचना तथा सिंचाई विभाग की ओर से जारी अलर्ट के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

राजापुर के आशीष मिश्रा, बेली कछार के मोहम्मद सुलेमान समेत कई लोगों ने कंट्रोल रूम में फोन किया और सभी का यही सवाल रहा कि आगे क्या होगा। बेली कॉलोनी की गायत्री देवी ने कानपुर से छोड़े गए पानी के प्रभाव में भी जानकारी ली। हालांकि उन्हें बहुत स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही। गायत्री देवी का कहना था कि पानी घटने की बात तो बताई गई लेकिन आगे क्या होगा इस बारे में स्पष्ट जाकनारी नहीं मिल पा रही।

बेली कछार के ऋषभ, चंदन वर्मा आदि के घरों के पास तक पानी पहुंच गया है। हालांकि, अभी उनके सामने पानी नहीं आया है। उन लोगों ने दीवार पर निशान लगा रहा है। चंदन का कहना है मंगलवार से ही गंगा का जलस्तर स्थिर बना हुआ है लेकिन घट भी नहीं रहा। उन्होंने बताया कि प्रशासन की टीम आई थी। उनका कहना था कि पीछे से अभी पानी आ रहा है। ऐसे में जलस्तर बढ़ सकता है। इसे देखते हुए उन लोगों ने प्रथम तल से सामान भी नहीं उतारा है।

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बाढ़ से प्रभावित मोहल्ले एवं गांव

सदर तहसील के अंतर्गत कछार मऊ, मऊ सरैया, बघाडा जहरूद्दीन, बघाडा बालन, मेहदौरी कछार, शिवकुटी,नेवादा, बेली, सलोरी,दारागंज में बाढ़ का पानी घुस गया है। फुलपुर में सोनौटी, बदरा धोकरी, लीलापुर, करछना में देहली, भगेसर, मेजा में झरियारी, अमिलिया खुर्द एवं सोरांव में फाफामउ, गंगानगर बाढ़ से प्रभावित हैं।

जलस्तर घटा लेकिन शिविरों में बढ़ी संख्या

बुधवार को गंगा एवं यमुना के जलस्तर में मामूली कमी जरूर दर्ज की गई लेकिन बाढ़ राहत शिविरों में संख्या बढ़ गई है। मंगलवार तक चार शिविर कैंट मैरेज हाल, ऐनी बेसेंट स्कूल, महबूब अली इंटर कॉलेज तथा ऋषिकुल विद्यालय संचालित थे। इनमें 1350 लोग थे वहीं बुधवार को

गंगानगर स्थित रीगल गेस्ट हाउस भी राहत शिविर में तब्दील हो गया। इसमें 11 परिवार के 60 लोग पहुंच गए हैं।

कंट्रोल रूम नंबर

0532-2641577, 0532-2641578, 0532-2641597, 0532-2641598, 1077

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