नई शिक्षा नीति में सुधार पर भी नहीं सुधरी स्थिति
जानकारों का कहना है कि इस बार नई शिक्षा नीति के तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम लागू होने से बीए प्रवेश की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दरअसल, इविवि एवं संघटक महाविद्यालयों सीयूईटी के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया देर से शुरू होने के कारण बड़ी संख्या छात्र-छात्राओं ने राज्य विश्वविद्यालय में प्रवेश ले लिए। इसके साथ ही नई शिक्षा नीति के तहत वैल्यू एडेड कोर्स के लिए लागू अतिरिक्त शुल्क के कारण बढ़ी फीस को भी प्रवेश में गिरावट की वजह माना जा रहा है। एक वजह यह भी मानी जा रही है कि इविवि में स्नातक प्रवेश की प्रक्रिया अभी जारी है। छात्रों की वरीयता विश्वविद्यालय परिसर है। ऐसे में छात्र कॉलेजों की ओर रुख नहीं कर रहे हैं।
इविवि ने बीकॉम व बीएससी प्रवेश के कटऑफ जारी किए
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) ने बीकॉम व बीएससी में प्रवेश के लिए नया कटऑफ जारी किया है। बीकॉम प्रवेश के लिए अनारक्षित वर्ग का कटऑफ 404 से 405 अंक, ओबीसी का 132, ईडब्ल्यूएस का 361 से 365, एससी का 269 से 270, बीएससी मैथ्स में अनारक्षित का कटऑफ 400 से 404 अंक, ओबीसी का 259 से 363, ईडब्ल्यूएस का 357 से 359.5, एससी का 297 से 299.5 अंक और बीएससी बायो में प्रवेश के लिए अनारक्षित का कटऑफ 482.91, ईडब्ल्यूएस का 448.84, ओबीसी का 438.48, एससी का 403.10, एसटी का कटऑफ 308.77 अंक है।