एकला चलो सेवा करो का मंत्र आत्मसात कर कोविड संक्रमित हुए इंजीनियर अपने काम के फन में माहिर और हर दिल अजीज रहे। भवन निर्माण के क्षेत्र में कभी पीछे मुड़कर न देखने वाले बीरेंद्र सिंह का अचानक चले जाना झकझोर गया। उन्हें समाजसेवा के क्षेत्र में कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। यही नहीं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कई संस्थाओं से भी उनका जुड़ाव रहा।
शहर में इंजीनियरों की मान्य संस्था प्रोफेशनल इंजीनियर वेलफेयर एसोसिएशन के वह पिछले वर्ष 19 नवंबर को हुए चुनाव में उन्हें सर्वसम्मति से सचिव चुना गया। शपथ ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने संस्था के विकास और सदस्यों के मान को बढ़ाने के प्रयास शुरू कर दिए। बीते साल दिसंबर की 18 तारीख को वह हमसफर एक्सप्रेस से दिल्ली रवाना हुए। उनके साथ संगठन के पदाधिकारी और सदस्य इंजीनियर प्रगति मैदान में आयोजित वार्षिक बिल्डिंग एक्सपो-19 में शामिल होने गए थे। एक्सपो में संगठन के सदस्य न केवल नई तकनीकी से रूबरू हुए बल्कि भवन निर्माण के क्षेत्र में आए नए उत्पादों के बारे में भी जाना।
इसी वर्ष फरवरी के पहले सप्ताह में वह एसोसिएशन के सदस्यों को लेकर सतना स्थित प्रिज्म सीमेंट फैक्ट्री के भ्रमण पर गए। वहां उन्होंने सीमेंट निर्माण ही नहीं उसकी पैकिंग और परिवहन की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी लेकर सदस्यों को सीमेंट की गुणवत्ता के बारे में जानकारी दिलाई।
इविवि के वनस्पति विज्ञान विभाग में फरवरी की 25 तारीख को आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फे्रंस में बीरेंद्र सिंह को इन्वायरमेंट ऑफ द इयर 2019 अवार्ड दिया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी नदियों को समाज के साथ जोड़ने पर उनके विचार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में समस्याओं के निराकरण को कॉन्फे्रेंस में आए विशेषज्ञों ने सराहा था।
लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए रहे प्रयत्नशील, बांटी थी राहत सामग्री
इंजीनियर बीरेंद्र सिंह ने लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए अभियान छेड़ दिया था। खुद कार लेकर निकलते और बिना किसी प्रचार की चाहत के लोगों को घर में रहने, संक्रमण से बचने के लिए मास्क और सैनिटाइजर देकर सुरक्षित रहने का संकल्प दिलाते। और तो और जिला प्रशासन से उन्होंने राहत सामग्री वितरण के लिए वाहन पास बनवाया था। वह घर में हलवाई लगवाकर खाना बनवाते। परिवारीजनों के साथ उसे पैक कराते फिर उन क्षेत्रों में भोजन वितरण को निकल जाते जहां लोगों तक राहत नहीं पहुंचती। अमर उजाला ने उनकी बिना प्रचार राहत शैली के बारे में खबर प्रकाशित की थी। समाज सेवा से जुड़े बीरेंद्र सिंह ने नवरात्र के दौरान अपनों को मैसेज भेजकर कोविड से बचाव के लिए पूजन अर्चन करने का अनुरोध किया था।