लॉकडाउन में जरूरतमंदों के मददगार बने लूकरगंज के इंजीनियर बीरेंद्र सिंह कोरोना के खिलाफ लड़ाई हार गए। दोपहर में उनकी हालत बिगड़ी तो फिर नहीं संभली। छह दिन पहले उनकी तबीयत खराब होने पर उनकी जांच कराई गई थी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें कोटवां-बनी स्थित कोविड-19 लेवल-1 हॉस्पिटल ले जाया गया था लेकिन सांस लेने में तकलीफ होने पर एसआरएन लाया गया। कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि उनका शव उनके परिजनों को नहीं दिया जाएगा। बुधवार को प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा।
इंजीनियर को यह बीमारी कैसे हुई, इसके सोर्स का पता स्वास्थ्य विभाग आज तक नहीं लगा सका है। हालत बिगड़ने पर मंगलवार दोपहर बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। लेकिन उनकी हालत बिगड़ती ही गई। देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। शहर मेें कोरोना पॉजिटिव की यह पहली मौत है। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इंजीनियर बीरेंद्र के शव को चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के मुताबिक बुधवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। एसआरएन चिकित्सालय में उनके साथ उनकी पत्नी भी कोरोना वार्ड में भर्ती हैं। जबकि सास, भाई और भाई की पत्नी कोटवा-बनी लेवल-1 हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है।