फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश: फाफामऊ घाट पर रेत से ऊपर आए 60 शव, पानी से घिरे टापू पर कराया गया अंतिम संस्कार

Fri, 30 Jul 2021 09:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

गंगा के में जलस्तर वृद्धि होने की वजह से कटान का दायरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। फाफामऊ घाट पर शुक्रवार की सुबह छह बजे से ही कटान से शवों के निकलने का सिलसिला शुरू हो गया।
विज्ञापन
prayagraj news : फाफामऊ गंगा घाट पर मिले शवों का अंतिम संस्कार कराया गया। - फोटो : prayagraj
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा के जलस्तर में वृद्धि से तेज हुए रेत के कटान से फाफामऊ घाट पर शुक्रवार को पहले से दफनाए गए 60 शव बाहर निकल आए। इसके बाद करीब पांच दर्जन शवों को जलाने के लिए चिता लगाने की जगह बनाने में नगर निगम को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पानी से चौतरफा घिरे टापू पर नावों से लकड़ी ले जाकर चिताएं लगाई गईं। रात नौ बजे तक एक साथ सभी शवों का अंतिम संस्कार कराया गया। इसी के साथ अब तक इस घाट पर 300 से अधिक लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कराया जा चुका है। शवों का अंतिम संस्कार करने वाले लोगों का कहना है कि बाढ़ या जलस्तर बढ़ने के दौरान दफनाए गए शवों के रेत से बाहर आने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।

विज्ञापन

prayagraj news : लगातार हो रही बारिश और गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण फाफमऊ घाट पर हो रही कटान के कारण शव पानी में बह जा रहे हैं। - फोटो : prayagraj
गंगा के में जलस्तर वृद्धि होने की वजह से कटान का दायरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। फाफामऊ घाट पर शुक्रवार की सुबह छह बजे से ही कटान से शवों के निकलने का सिलसिला शुरू हो गया। घाट पर निगरानी के लिए लगाए गए मजदूरों ने दोपहर एक बजे तक ही 40 शवों को कटान से बाहर निकाल लिया था। जल स्तर बढ़ने और शवों की संख्या बढ़ने की वजह से स्थिति संभालने के लिए नगर निगम प्रशासन को 30 से अधिक मजदूर लगाने पड़े। शाम छह बजे तक कटान की वजह से कुल 60 शव रेत से निकाले गए।
विज्ञापन

prayagraj news : लगातार हो रही बारिश और गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण फाफमऊ घाट पर दफन शव बाहर आ रहे हैं। - फोटो : prayagraj
इस घाट पर दिन भर शवों को बहने से रोकने के लिए मशक्कत की जाती रही। देर रात तक शवों की चिताएं लगाई जाती रहीं। जोनल अधिकारी नीरज कुमार सिंह ने श्राद्ध के साथ इन शवों को मुखाग्नि दी। रात को घाट पर एक लाइन से चिताएं जलती रहीं। कटान को देखते हुए अंतिम संस्कार के बाद रात को फाफामऊ घाट पर निगरानी बढ़ा दी गई। एक भी शव गंगा में न बहने पाएं, इसके लिए छह लोगों को रात भर घाट पर निगरानी करने के लिए सचेत किया गया है। निगम के अफसरों का कहना है कि घाट पर कटान का दायरा जिस तरह से बढ़ रहा है, उससे और भी शव बाहर आ सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें