महात्वाकांक्षी इनररिंग रोड़ परियोजना का एलाइनमेंट पूरा हो गया है। इसका निर्माण दो चरणों में कराया जाएगा। कुंभ-2025 को ध्यान में रखते हुए पहले चरण में रीवा रोड़ स्थित पालपुर गांव से सहसों तक इनर रिंग रोड का निर्माण होगा। दूसरे चरण में रीवा रोड़ से कौड़िहार के कसारी गांव तक इसे बनाया जाएगा। इसी के साथ भूमि अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया गया है। इनर रिंग रोड़ परियोजना के तक तीन पुलों का भी निर्माण कार्य कराया जाएगा। इसमें दो पुल गंगा पर और एक यमुना पर प्रस्तावित है। इसके साथ ही साथ छह रेलवे ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे। शुक्रवार को मंडलायुक्त संजय गोयल ने इस परियोजना के निर्माण की दिशा में अब तक उठाए गए कदमों की प्रगति की समीक्षा की।
इस परियोजना के प्रथम चरण में रीवा रोड़ से सहसों तक बनने का निर्माण महाकुंभ-2025 को ध्यान में रखते हुए पूरा कराने का निर्देश मंडलायुक्त ने एनएचएआई के अफसरों को दिया। साथ ही उन्होंने परियोजना के निर्माण से जुड़ी प्रगति की जानकारी ली। मंडलायुक्त ने भूमि अधिग्रहण के कार्य को शीघ्रता से पूर्ण कराने और रेलवे, पीडब्लूडी के अलावा अन्य संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए समय से औपचारिकताएं पूरी कराने का निर्देश दिया।
मंडलायुक्त ने कहा कि इनर रिंग रोड़ के निर्माण कार्य में यदि कहीं भी किसी भी प्रकार की समस्या आती है, तो उसका निराकरण भी तत्काल कराया जाए। मंडलायुक्त ने एनएचएआई के अधिकारियों को इनर रिंग रोड़ के प्रथम फेज के कार्य को आगामी महाकुंभ से पहले पूर्ण कराने के लिए कहा। साथ ही निर्देशित किया कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। इस अवसर पर एनएचएआई के अपर आयुक्त के अलावा परियोजना निदेशक समेत पीडब्लूडी के कई अभियंता उपस्थित थे।
इनररिंग रोड परियोजना के प्रथम चरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। आगामी महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए इसका निर्माण कराया जाना है। -एके राय, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।