नोडल अधिकारी बदलकर आवेदन कराया गया फॉरवर्ड
माध्यमिक शिक्षा परिषद और पत्राचार शिक्षा संस्थान के अधिकारियों की जांच में सामने आया है कि संकलन केंद्र के प्रधानाचार्य (नोडल अधिकारी) ने आवेदन अग्रसारित करने से इन्कार कर दिया था। आरोप है कि इसके बाद प्रधान लिपिक ने डीआईओएस कार्यालय से कथित सांठगांठ कर राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य विकास मणि त्रिपाठी को नोडल अधिकारी नामित करा लिया। नव-नामित नोडल अधिकारी द्वारा बिना गंभीर परीक्षण के आवेदन अग्रसारित कर दिए गए। गहन जांच में यह भी पुष्टि हुई कि अनुसरण प्रमाणपत्रों पर नोडल अधिकारी के स्थान पर प्रधान लिपिक द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे। इसके अतिरिक्त निर्धारित समय सीमा तक शुल्क जमा नहीं किया गया, आवेदन पत्रों में आवश्यक विवरण अधूरे पाए गए, अर्हता प्रमाण पत्र संलग्न नहीं थे तथा बिना अनुमति पूर्व वर्ष के क्रमांक का उपयोग कर पत्राचार संस्थान से स्वीकृति प्राप्त करने का प्रयास किया गया।
डीआईओएस पर भी कार्रवाई संभव
परिषद के सचिव भगवती सिंह ने कहा कि डीआईओएस कार्यालय की लापरवाही के कारण परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। बोर्ड परीक्षा के बाद जांच के बाद संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अपर शिक्षा निदेशक (पत्राचार) सीएल चौरसिया ने बताया कि प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश पाठक और नोडल अधिकारी विकास मणि त्रिपाठी की मिलीभगत तथा डीआईओएस कार्यालय की संभावित संलिप्तता के कारण 700 परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। प्रधान लिपिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और विवेचना के आधार पर अन्य संबंधित अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।