कालिंदी / प्रयागराज-डा. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस में लगे जनरल कोच की खिड़कियों से रेलिंग गायब हो गई है।
- फोटो : अमर उजाला।
कमजोर निकली खिड़की पर लगी रेलिंग
जानकारों और यात्रियों का कहना है कि पुराने आईसीएफ कोच में लगी रेलिंग के मुकाबले नए एलएचबी रेक की खिड़कियों में लगी रेलिंग कमजोर है। कुछ कोच में तो लोगों ने रेलिंग को मोड़ दिया है, जिससे खिड़की के बीच इतना गैप हो गया है कि कोई भी आसानी से हाथ डालकर मोबाइल या बैग उड़ा ले। यात्री खिड़की के सहारे ही कोच में घुसना चाहते हैं। बृहस्पतिवार को कालिंदी एक्सप्रेस से प्रयागराज पहुंचे राजेंद्र मिश्र नामक यात्री ने बताया कि रात में खिड़की खोलकर सोना खतरे से खाली नहीं है। इसी तरह चित्रकूट के दैनिक यात्री आरके पटेल ने बताया कि खिड़की में रेलिंग न होने से स्टेशन या आउटर पर ट्रेन रुकते ही झपट्टा मार गिरोह सक्रिय हो जाते हैं।
शीशे की जगह लगा रखी है प्लाई
कालिंदी और प्रयागराज-डाॅ. अंबेडकरनगर की प्राइमरी मेंटेनेंस प्रयागराज जंक्शन पर ही की जाती है। हर रोज इस ट्रेन की जांच के बावजूद जिम्मेदार लोगों को यह समस्या अब तक नहीं दिखी। यह हाल तब है जब प्रयागराज में ही एनसीआर के जीएम एवं डीआरएम प्रयागराज का कार्यालय है। इतना ही नहीं ट्रेन के जनरल कोच की खिड़कियों में लगे शीशे के स्थान पर प्लाई लगा दी है। इस ट्रेन का रेक कालिंदी और डाॅ. अंबेडकरनगर एक्सप्रेस दोनों के लिए ही होता है।
एलएचबी कोच में सुरक्षा मानकों की ऐसी अनदेखी समझ से परे है। रेलिंग न होना सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। इसे जल्द दुरुस्त किया जाना चाहिए। - रौनक गुप्ता, सदस्य, प्रयागराज जंक्शन यात्री सलाहकार समिति
कालिंदी एक्सप्रेस या प्रयागराज-डाॅ. अंबेडकरनगर एक्सप्रेस के जनरल कोच में रेलिंग नहीं है तो जांच करवाई जाएगी। अगर कहीं कुछ कमी है तो उसे दुरुस्त किया जाएगा। - रजनीश अग्रवाल, डीआरएम प्रयागराज