कीडगंज में नए पुल से यमुना में कूदकर व्यापारी नेता धर्मेंद्र कुमार केसरवानी ने जान दे दी। पिछले काफी दिनों से व्यवसाय ठप होने से माली हालत खराब हो गई थी, जिससे वह परेशान थे। वह गल्ले के व्यापारी थे। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मुट्ठीगंज थाना क्षेत्र के कटघर निवासी धर्मेंद्र केसरवानी (51) पुत्र लालजी केसरवानी गल्ले का व्यवसाय करते थे। उनके परिवार में एक पुत्र, दो पुत्रियां एवं पत्नी संगीता हैं। लॉकडाउन के दौरान काफी दिनों तक व्यवसाय ठप हो गया। परिणामस्वरूप उनकी माली हालत खराब हो गई और वह तनाव में रहने लगे। सोमवार सुबह 10 बजे के करीब वह बिना बताए घर से निकले और नए पुल पर जा पहुंचा।
पहले वह काफी देर तक पुल पर ही टहलते रहे और फिर नदी में छलांग लगा दी। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया तो नदी में मौजूद नाविकों ने उन्हें बाहर निकाला। तब तक सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और उसे एसआरएन अस्पताल भेजा लेकिन डॉक्टरों ने कारोबारी को मृत घोषित कर दिया। उधर, पुल पर मिले मोबाइल से परिजनों को सूचना दी गई तो वह भी रोते-बिलखते अस्पताल पहुंच गए। कीडगंज पुलिस ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
लगातार चौथे दिन खुदकुशी की घटना
बता दें कि सोमवार को लगातार चौथे दिन खुदकुशी की छठवीं वारदात सामने आई। इससे पहले तीन दिन के भीतर पांच लोग जान दे चुके हैं। 21 जून को कटरा में फूल बेचने वाले ने जान दे दी थी। जबकि 20 जून को सिविल लाइंस में रेस्टोरेंट एकाउंटेंट व लालगोपालगंज में नगर पंचायत सफाईकर्मी ने फांसी लगा ली थी। इससे पहले 19 जून को राजरूपपुर में महिला व शाहगंज में होटल कर्मचारी ने फंदे पर झूलकर जीवन लीला खत्म कर ली थी।