बिल्हौर स्टेशन के गैंगमैन ने फांसी लगाकर जान दी, किसी बात से तनाव में था युवक
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नगर पंचायत कार्यालय में सफाईकर्मी मोहनलाल फांसी के फंदे पर झूल गया। शनिवार सुबह लोगों ने उसका शव फंदे पर लटका देखा तो सनसनी फैल गई। परिवारवालों का आरोप है कि आर्थिक तंगी व नगर पंचायत अफसरों के रवैये से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। महीनों चक्कर काटने के बावजूद उसे एरियर का भुगतान नहीं किया गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मूलरूप से फतेहपुर के गांजीपुर चुटियाली गांव निवासी मोहन लाल (40) पुत्र पगोले स्थानीय नगर पंचायत कार्यालय में दैनिक सफाईकर्मी था। शुक्रवार रात 12.30 बजे के करीब वह कार्यालय पहुंचा और वहां चुल्ले में फंदा बनाकर फांसी पर झूल गया। सुबह सूचना पर घरवाले व पुलिस भी आ गई। परिवारवालों ने पूछताछ में बताया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद विनियमित न किए जाने व एरियर भुगतान न होने से परेशान होकर मोहनलाल ने यह कदम उठाया।
बेटे दीपू ने पुलिस को तहरीर देकर यह भी आरोप लगाया कि उसके पिता ने अफसरों को चेताया था कि अधिकार न मिलने पर वह जान दे देंगे। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, नगर पंचायत ईओ प्रदीप मिश्र ने बताया कि एरियर भुगतान पर शासन स्तर से रोक है, अन्य आरोप निराधार हैं।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना
सफाईकर्मी की खुदकुशी की यह पूरी घटना कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज देखने से पता चला कि उसने डेढ़ मिनट के भीतर ही अपनी जान दे दी। 12:32:41 मिनट पर वह पहली बार कैमरे में नजर आता है और ठीक 97 सेकंड बाद यानी 12:34:18 मिनट पर फंदे पर झूल जाता है। इस तरह डेढ़ मिनट में उसने अपनी जिंदगी खत्म कर ली। पुलिस ने फुटेज कब्जे में ले ली है। उधर, पत्नी रीता व बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दबाव बनाने का भी आरोप
मृतक सफाईकर्मी के बेटे दीपू ने नगर पंचायत कार्यालय के कर्मचारियों पर मनमानी तहरीर लिखकर जबरन हस्ताक्षर करने का भी आरोप लगाया। उसने बताया कि सुबह कर्मचारियों ने लिखवा लिया कि उसके पिता ने घरेलू कलह में ऐसा कदम उठाया। बाद में उसने दूसरी तहरीर पुलिस को दी, जिसमें एरियर भुगतान न होने व विनियमित न किए जाने से परेशान होकर जान देने की बात लिखी।