माफिया की अवैध संपत्तियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की कड़ी में शनिवार को झूंसी में पीडीए ने ध्वस्तीकरण की पांचवीं कार्रवाई की। हवेलिया स्थित भूमाफिया गणेश यादव के 1500 वर्गगज में बने आलीशान तीन मंजिला मकान को पांच बुलडोजर लगाकर ढहा दिया गया। पीडीए की कार्रवाई तकरीबन साढ़े पांच घंटे तक चली। इस दौरान गणेश के परिजनों ने भारी विरोध भी किया लेकिन पुलिस और प्रशासन के आगे उनकी एक नहीं चली। कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मचा रहा। ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान एसडीएम फूलपुर के अलावा पीडीए के तीन जोनल अधिकारी, सीओ दारागंज, पांच थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी भी मौके पर थी।
हवेलिया गांव में गणेश यादव का तीन मंजिला आलीशान मकान है। गणेश पर झूंसी और सरायइनायत थाने में कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। गणेश परिवार के साथ हवेलिया स्थित तीन मंजिला मकान रह रहा था। मकान की कीमत तकरीबन डेढ़ करोड़ रुपये बताई गई है। शनिवार को पीडीए का तोड़ू दस्ता पांच बुलडोजर, पांच थानों की फोर्स और पीएसी लेकर तकरीबन साढ़े बारह बजे गणेश यादव के घर पहुंचा।
पीडीए के तोड़ू दस्ते के साथ जोनल अधिकारी सत शुक्ला, शिवानी सिंह तथा आलोक पांडेय, एसडीएम फूलपुर युवराज सिंह, सीओ दारागंज राजेश यादव भी मौजूद रहे। जोनल अधिकारी सत शुक्ला ने बताया कि तकरीबन मकान का निर्माण पीडीए से बगैर नक्शा पास कराए किया गया था। इसी वजह से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मकान को ढहाने से पहले उसे खाली कराया गया। इसके पहले पीडीए अफसरों और गणेश के परिजनों के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। पीडीए की तकरीबन साढ़े पांच घंटे तक चली।
गणेश पर सरायइनायत और झूंसी में दर्ज हैं कुल दस मुकदमे
हवेलिया गांव निवासी गणेश यादव पर झूंसी और सरायइनायत थाने में कुल दस केस दर्ज हैं। गणेश पर पहला मुकदमा 1991 में सरायइनायत थाने में दर्ज हुआ था। सीओ दारागंज राजेश यादव ने बताया कि गणेश पर झूंसी में कुल तीन केस दर्ज हैं, जिसमें से एक मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लग चुकी है। अन्य सात मुकदमे सरायइनायत थाने में दर्ज हैं। बताया कि अब गणेश की हिस्ट्रीशीट भी खोली जाएगी।
तेरह साल पहले गणेश पर एके 47 से किया गया था जानलेवा हमला
तेरह साल पहले गणेश यादव पर एके 47 से जानलेवा हमला किया गया था जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। सात जुलाई 2007 को गणेश झूंसी हाइवे पर स्थित अपनी मार्केट में बाल कटवा रहा था। तभी पूर्वांचल के शार्प शूटरों ने एके 47 से ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। हमले में गणेश यादव के भांजे की मौत हो गई थी। एक किशोर समेत दो गोली लगने से जख्मी भी हुए थे।
जोनल अधिकारी से गालीगलौज और हाथापाई, मचा हड़कंप
गणेश यादव के घर पर शनिवार को हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान पीडीए अफसरों और पुलिस को लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई। परिजन बगैर नोटिस दिए मकान जमींदोज करने पर आपत्ति जता रहे थे। इसी दौरान गणेश के परिवार की एक महिला और अन्य से जोनल अधिकारी शिवानी सिंह तथा आलोक पांडेय से तीखी नोंकझोंक व धक्का-मुक्की हो गई। किसी तरह मामले को रफादफा किया गया। उधर, गणेश यादव के बेटे और हाईकोर्ट अधिवक्ता रवि यादव ने पूरी कार्रवाई को गैर कानूनी बताया है। कहा कि बगैर नोटिस दिए पीडीए कैसे मकान ढहा सकता है। पीडीए ने मकान खाली करने तक की मोहलत नहीं दी। इससे लेकर गणेश के परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त था।