गंगा पर बने शास्त्री पुल में दरार आने के बाद मरम्मत के लिए विशेषज्ञों का दल शनिवार को पहुंच गया। इसके साथ ही बेयरिंग बदलने और धंसे हुए पिलर को हाइड्रोलिक सिस्टम से उठाने का काम शुरू हो गया। इस पुल की मरम्मत में दो दिन का समय लगने की उम्मीद है।
तब तक प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर इस पुल के जरिए भारी वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। एक लेन से दो पहिया वाहनों के आवागमन की छूट दी गई है। रखरखाव में बरती गई लापरवाही की वजह से शास्त्री ब्रिज के 41 नंबर पिलर की बेयरिंग खिसकने की बात कही जा रही है।
संयोग था कि रात को किसी समय बेयरिंग खिसकने से पुल में दरार आने की जानकारी समय रहते पीडब्यूडी के अभियंताओं को मिल गई और यातायात रोक दिया गया, वरना बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता था। तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-3 की ओर से शनिवार को पुल की मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया।
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टूटी बेयरिंग को बदलने के साथ ही खिसके हुए स्लैब को सही करने की दिन भर मशक्कत की जाती रही। पुल पर भारी वाहनों का आावगमन बंद होने और एक से दो पहिया वाहनों के चलने की वजह से दिन भर जाम लगता रहा। फिलहाल भारी वाहनों को फाफामऊ से चंद्रशेखर आजाद सेतु होते हुए वाराणसी के लिए चलाया जा रहा है।
अभियंताओं के मुताबिक बृहस्पतिवार की रात को ही भारी वाहनों के दबाव की वजह से पुल केदक्षिणी लेन के 41 वें पिलर की बेयरिंग टिल्ट हो गई। इससे पुल एक इंच से अधिक मोटी दरार पड़ गई। कहा जा रहा है कि रखरखाव में बरती गई लापरवाही की वजह से पुल का पिलर खिसक कर धंस गया।
बेयरिंग महीनों पहले से कटती रही, लेकिन पुल की निगरानी के लिए लगाए गए कर्मचारियों और अभियंताओं को इसकी भनक तक नहीं लगी। अगर नियमित रूप से पुल की निगरानी हो रही होती तो पिलर खिसकने से पहले बेयरिंग में खराबी आने की जानकारी मिल सकती थी।
पुल की मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है। बेयरिंग बदल ली गई है। लेकिन, अभी मरम्मत का काम पूरा होने में दो दिन लग सकते हैं। तब तक भारी वाहनों का आवागमन ठप रहेगा। अजय गोयल, अधिशासी अभियंता-पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-3।
पुल केरखरखाव में लापरवाही बरतने का आरोप
शास्त्री सेतु की बेयरिंग टूटने और पिलर खिसकने के लिए उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग श्रमिक यूनियन ने अभियंताओं को जिम्मेदार ठहराया है। शनिवार को हुई बैठक में यूनियन के महामंत्री रामसागर ने आरोप लगाया कि पुल के रखरखाव के बजट का दुरुपयोग करने के साथ ही निगरानी के लिए लगाए जाने वाले कर्मियों को भी महीनों पहले हटा दिया गया था।
विभागीय लापरवाही की वजह से सेतु के एक स्लैब में गड़बड़ी पैदा हुई है। उन्होंने बेयरिंग टूटने और स्लैब खिसकने की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। इस मौके पर अवधेश यादव, अनु सिंह, राम किशोर, मुस्तकीम अहमद, भोला निषाद उपस्थित थे।