कुंभ, महाकुंभ, माघमेला के दौरान वहां ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए अलग-अलग विभागों से सुझाव मांगे गए हैं। इसी क्रम में फ्लाईओवर के ऊपर से नया पुल बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसेे गंगा नदी पर फाफामऊ में बनाए जा रहे छह लेन के पुल से जोड़ने की तैयारी है।
अलोपीबाग फ्लाईओवर ऊपर से एक और पुल के निर्माण की तैयारी है। इसकी संभावना तलाशने के लिए सेतु निगम, यातायात समेत अन्य निर्माण एवं संबंधित विभागों के विशेषज्ञों की राय मांगी गई है। फ्लाईओवर बनने के बावजूद अलोपीबाग, संगम की तरफ जाने वाले दोनों मार्गों पर जाम की समस्या से निजाज नहीं मिल सका है। पुल की चौड़ाई कम होने तथा डिजाइन ठीक नहीं होने की वजह से उल्टे समस्या और बढ़ गई है। इसकी वजह से पुल का बहुत उपयोग नहीं हो पाता तथा इसके नीचे एवं आसपास के क्षेत्रों में हमेशा जाम की स्थिति रहती है।
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चूंकि कुंभ, महाकुंभ, माघमेला के दौरान वहां ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए अलग-अलग विभागों से सुझाव मांगे गए हैं। इसी क्रम में फ्लाईओवर के ऊपर से नया पुल बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसेे गंगा नदी पर फाफामऊ में बनाए जा रहे छह लेन के पुल से जोड़ने की तैयारी है।
इसके अलावा झूंसी की तरफ शास्त्री तथा नैनी नए यमुना पुल से जोड़ने की योजना है। ताकि, भारी वाहनाें को शहर में प्रवेश कराने के बजाय ऊपर से ही निकाला जा सके। हालांकि इस प्रस्ताव को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। मंडलायुक्त संजय गोयल का कहना है कि इसके लिए सभी संबंधित विभागों के विशेषज्ञों से सुझाव मांगे गए हैं। इसके अलावा अन्य विकल्पों पर भी सुझाव मांगे गए हैं। संयुक्त बैठक कर जल्द ही कोई प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
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अन्य विकल्पों पर भी विचार
टैैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए फ्लाईओवर के ऊपर एक नए पुल के अलावा अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। अलोपीबाग फ्लाईओवर के समानांतर परेड की तरफ नए पुल के निर्माण पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, अफसरों के अनुसार इसमें कई तरह की अड़चनें हैं। बड़ी संख्या में निर्माण भी ढहाने होंगे।