फाफामऊ स्थित चंद्रशेखर आजाद पुल की मरम्मत के लिए मंगलवार सुबह से ही बसों और भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। बुधवार को स्थिति और भी बिगड़ गई। देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई।
फाफामऊ स्थित चंद्रशेखर आजाद पुल की मरम्मत के लिए मंगलवार सुबह से ही बसों और भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। बुधवार को स्थिति और भी बिगड़ गई। देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई। लखनऊ से प्रयागराज को जोड़ने वाले इस पुल के बंद होने से दो दिनों से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुल पर बड़े वाहनों का आवागमन रोकने की वजह से लोगों को सहसों मार्ग से होकर गुजरना पड़ रहा है।
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पुल बंद होने से लंबा चक्कर लगाने की वजह से लोगों को चंद कदमों की दूरी किलोमीटर में तय करनी पड़ रही है। अब 15 दिनों यानि 25 सितबंर तक पुल के सात एक्सपेंशन ज्वाइंट की मरम्मत या फिर बदलने का काम किया जाएगा। शाम की जगह सुबह से ही रूट डायवर्जन होने के संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आरपी सिंह का कहना है कि यातायात विभाग की तरफ से डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। वहीं यातायात प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि वाहनों के अचानक लोड से बचने के लिए सुबह से ही भारी वाहनों पर पाबंदी लगाई गई है।
यातायात पुलिस ने मंगलवार रात 12 बजे से फाफामऊ पुल पर सभी चार पहिया वाहनों की आवाजाही पर भी पाबंदी लगा दी। इससे पहले सुबह से सिर्फ भारी वाहनों को रोका जा रहा था। अब अगले 15 दिनों तक सिर्फ दो पहिया वाहनों के आवागमन की अनुमति दी गई है।
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इन रूटों पर बढ़ा वाहनों का लोड
पुल बंद होने की वजह से सिविल लाइंस, बालसन चौराहा, जीटी जवाहर, शास्त्री पुल, अंदावा, सहसों, फाफामऊ, थरवई, सहसों, श्रृंगवेरपुर, कोखराज, पूरामुफ्ती, धूमनगंज, एयरपोर्ट क्षेत्र में वाहनों का दबाव बढ़ गया है।