स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को बड़ा अभियान चलाया गया। एक दिन में कुल 798 नमूने लिए गए। सबसे अधिक नमूने कोटवा-बनी इलाके से 205 नमूने लिए गए। इसके बाद जसरा और धनुपुर से स्वाब सैंपल लिया गया। 10 अनाथालयों और आश्रय गृहों से भी 100 नमूने लिए गए हैं। इसके लिए शासन की ओर से आदेश आया था।
कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि जिन अनाथालयों और आश्रयगृहों से नमूने लिए गए हैं, उसमें राजकीय बालगृह शिशु एवं बालिका खुल्दाबाद से 10-10, राजकीय महिला शरणालय खुल्लादाबाद से 10, सम्म्रेक्षण गृह से 10, खुला आश्रय गृह नैनी से 10, वृद्धावस्था गृह नैनी से 10, स्वराज भवन चिल्ड्रेन नेशनल स्कूल से 10, सहयोग बालिका गृह सिविल लाइंस से 10, बालगृह बालिका राजरूपपुर से 10, बिन्दा प्रसाद हिंदू महिला बाल आश्रम कटघर से 10 लोगों के नमूने शामिल हैं। इसके अलावा सैदाबाद सीएचसी से 92, जसरा से 146, धनुपुर से 127, मऊआइमा से 100 और कालिंदीपुरम से 28 नमूने लिए गए हैं।
आयुष्मान योजना से कोविड-19 मरीजों का उपचार
सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों का उपचार नि:शुल्क हो ही रहा है लेकिन, अगर कोई आयुष्मान कार्ड होल्डर है तो उसे योजना का लाभ दिया जाएगा। आयुष्मान योजना के तहत कोविड-19 के मरीजों के लिए चार तरह के पैकेज बनाए गए हैं। जनरल वार्ड में भर्ती होने पर 1800 रुपये प्रतिदिन, ओइसोलेशन वार्ड में भर्ती होने पर 2700 रुपये, आईसीयू मेें भर्ती होने पर 3600 प्रतिदिन और आईसीयू में वेंटिलेटर युक्त होने पर 4500 रुपये का प्रतिदिन के हिसाब से पैकेज निर्धारित किया गया है।
आयुष्मान योजना के नोडल डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि पैकेट की दर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से तय की गई है। इसे लागू कर दिया गया है। हालांकि अभी तक इस योजना के तहत जिले में एक भी कोविड-19 के मरीज का उपचार नहीं हो सका है। एसआरएन में आयुष्मान योजना के नोडल इंचार्ज डॉ. मनोज माथुर ने कहा कि अभी कोई ऐसा मरीज नहीं आया है जो आयुष्मान का लाभार्थी हो।