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Prayagraj Nagar Nigam : बिना टेंडर लगा दी स्ट्रीट लाइट, निगम के सात अधिकारियों पर कार्रवाई की संस्तुति

Wed, 23 Jul 2025 05:49 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

दो सड़कों स्ट्रीट लाइट लगाने में भ्रष्टाचार संबंधी अमर उजाला में प्रकाशित खबर की मंडलायुक्त की जांच में भी पुष्टि हुई है। बिना टेंडर के ही स्ट्रीट लाइट लगा दी गईं। एक अन्य सड़क पर तो जरूरत से ज्यादा लाइट लगाने की अनुमति दी गई।
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प्रयागराज नगर निगम। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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दो सड़कों स्ट्रीट लाइट लगाने में भ्रष्टाचार संबंधी अमर उजाला में प्रकाशित खबर की मंडलायुक्त की जांच में भी पुष्टि हुई है। बिना टेंडर के ही स्ट्रीट लाइट लगा दी गईं। एक अन्य सड़क पर तो जरूरत से ज्यादा लाइट लगाने की अनुमति दी गई। इस पर मंडलायुक्त ने नगर निगम के सात अफसरों पर कार्रवाई की संस्तुति की है। वित्तीय अनियमितता को लेकर अमर उजाला के पांच मई के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई। इसे संज्ञान में लेते हुए मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने अपर आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की।

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समिति ने निगम के मार्ग प्रकाश विभाग के मुख्य अभियंता संजय कटियार से रिपोर्ट मांगी। मुख्य अभियंता ने रिपोर्ट में अनियमितता स्वीकार की थी, लेकिन इसे चूक बताया था। इसके लिए उन्होंने कार्य करने वाली एजेंसी के साथ अवर अभियंता से लेकर अधिशासी अभियंता तक को प्रशासनिक अनियमितता का दोषी माना था। समिति ने मामले की नए सिरे से जांच की।

इसमें निगम के सुपरवाइजर आशुतोष कुमार, आउटसोर्सिंग अवर अभियंता राहुल शुक्ला, अवर अभियंता आरके मिश्रा, सहायक अभियंता जलकल सौरभ कुमार सिंह, अवर अभियंता अविनाश कुमार, अधिशासी अभियंता आरके लाल एवं मुख्य अभियंता संजय कटियार को प्रशासनिक के साथ वित्तीय अनियमितता का दोषी पाया गया है। मंडलायुक्त ने नगर आयुक्त को जांच रिपोर्ट के साथ पत्र लिखा है। उन्होंने नगर आयुक्त से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ रिपोर्ट भी मांगी है। मंडलायुक्त ने जांच रिपोर्ट और संस्तुति शासन को भी भेजी है।

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यह है मामला

सीमेट्री मार्ग पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने स्ट्रीट लाइट लगाई गई थीं। इसके बावजूद नगर निगम ने भी इसी मार्ग पर पोल और लाइट लगाईं। खास यह कि इसके लिए टेंडर भी नहीं निकाला गया। इसके अलावा यमुना बैंक रोड पर प्रकाश व्यवस्था के लिए नगर निगम ने निविदा निकाली, लेकिन इसमें निर्धारित पोल से अधिक स्ट्रीट लाइटों की स्वीकृति प्रदान कर दी गई। खास यह कि अवर अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक ने इन कार्यों की मंजूरी दी।

स्ट्रीट लाइट में वित्तीय अनियमितता की जांच के लिए गठित समिति ने रिपोर्ट दे दी है। इसमें दो सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाने में प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितता सामने आई है। इसके लिए नगर निगम के सात अफसरों को दोषी पाया गया है। इनमें अधिशासी एवं मुख्य अभियंता भी शामिल हैं। सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति की गई है। कार्रवाई शासन और नगर आयुक्त के स्तर पर की जाएगी। - विजय विश्वास पंत, मंडलायुक्त
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