यह है मामला
सीमेट्री मार्ग पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने स्ट्रीट लाइट लगाई गई थीं। इसके बावजूद नगर निगम ने भी इसी मार्ग पर पोल और लाइट लगाईं। खास यह कि इसके लिए टेंडर भी नहीं निकाला गया। इसके अलावा यमुना बैंक रोड पर प्रकाश व्यवस्था के लिए नगर निगम ने निविदा निकाली, लेकिन इसमें निर्धारित पोल से अधिक स्ट्रीट लाइटों की स्वीकृति प्रदान कर दी गई। खास यह कि अवर अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक ने इन कार्यों की मंजूरी दी।
स्ट्रीट लाइट में वित्तीय अनियमितता की जांच के लिए गठित समिति ने रिपोर्ट दे दी है। इसमें दो सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाने में प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितता सामने आई है। इसके लिए नगर निगम के सात अफसरों को दोषी पाया गया है। इनमें अधिशासी एवं मुख्य अभियंता भी शामिल हैं। सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति की गई है। कार्रवाई शासन और नगर आयुक्त के स्तर पर की जाएगी। - विजय विश्वास पंत, मंडलायुक्त