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Prayagraj Flood : गंगा-यमुना में जलस्तर में कमी जारी, 82 मीटर से नीचे गया पहुंचा नदियों का जलस्तर

Wed, 23 Jul 2025 05:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

गंगा और यमुना नदी के जलस्तर में लगातार कमी जारी है। मंगलवार को दोनों नदियों का जलस्तर 82 मीटर से नीचे आ गया। कछार की बस्तियाें से भी पानी निकल गया है। हालांकि प्रभावित क्षेत्र में गंदगी के साथ घरों में अब भी पानी भरा हुआ है।
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गंगा के जलस्तर में मामूली कमी के बावजूद रामघाट सहित अन्य घाट जलमग्न है। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गंगा और यमुना नदी के जलस्तर में लगातार कमी जारी है। मंगलवार को दोनों नदियों का जलस्तर 82 मीटर से नीचे आ गया। कछार की बस्तियाें से भी पानी निकल गया है। हालांकि प्रभावित क्षेत्र में गंदगी के साथ घरों में अब भी पानी भरा हुआ है। ऐसे में राहत शिविरों में पहुंचे लोग अब भी वापस लौटने के लिए तैयार नहीं हैं।

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दोनों नदियों के जलस्तर में सोमवार की तुलना में करीब एक मीटर की कमी दर्ज की गई। सिंचाई विभाग की रात आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार यमुना में डेढ़ सेमी और गंगा में दो सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से जलस्तर में कमी दर्ज की गई। इससे कछारी इलाके में बसे लोगों को राहत रही।

हालांकि छोटा बघाड़ा, शिवकुटी, नागवासुकि मंदिर, बेली कछार, गंगा नगर, द्रौपदी घाट, नेवादा, अशोक नगर के कछारी इलाकों के निचले हिस्सों में अब भी पानी भरा हुआ है। ऐसे में फिर से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी पर बस्तियों में पानी घुसने की आशंका है। इसे लेकर प्रशासन की ओर से अब भी अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही लोगों ने भी अपना सामान अभी नीचे नहीं किया है।
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छोटा बघाड़ा स्थित एनी बेसेंट स्कूल और सदर बाजार में कैंट मैरिज हॉल में बनाए गए राहत शिविरों से कोई वापस नहीं गया। दोनों शिविरों में मंगलवार को भी करीब 170 लोग मौजूद रहे। वहीं पूरे जिले में 220 लोगों ने शिविरों में शरण ले रखी है।

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गंगा के जलस्तर में मामूली कमी के बावजूद छोटा बघाड़ा के कछारी इलाके में बाढ़ का रुका हुआ है। - फोटो : अमर उजाला।
बुलाई गई एसडीआरएफ की एक टीम

पहाड़ों पर भारी बारिश जारी है। ऐसे में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। ऐसे में बाढ़ का भी खतरा है। इसे देखते हुए एसडीआरएफ की एक टीम बुलाई गई है जो मंगलवार को पहुंच गई। डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि एनडीआरएफ की एक टीम पहले से मौजूद है जिसे गंगापार की तरफ लगाया गया है। वहीं यमुनापार में एसडीआरएफ की टीम को लगाया गया है। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा को देखते हुए भी सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं।
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गंगा के जलस्तर में कमी के बावजूद दारागंज के निचले इलाके में बाढ़ का पानी रुका हुआ है। - फोटो : अमर उजाला।
लपरी नदी में बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की होगी मरम्मत

कोरांव की लपरी नदी में आई बाढ़ से आधा दर्जन गांवों में भारी नुकसान हुआ है। क्षेत्र में सड़कें और पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने लोक निर्माण विभाग को सड़कों और पुलिया की मरम्मत के निर्देश दिए हैं।

लपरी नदी में पानी बढ़ जाने की वजह से कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। एक स्कूल के 100 से अधिक बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा था। बाढ़ की चपेट में आने से क्षेत्र में करीब 75 सड़कें और आधा दर्जन पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

इसकी वजह से आधा दर्जन से अधिक गांवों में आवागमन प्रभावित हो गया है। डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अफसरों को जल्द से जल्द इन सड़कों और पुलिया की मरम्मत के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस बाबत रिपोर्ट भी मांगी है।
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