फाफामऊ के गोहरी गांव में हुए लोमहर्षक सामूहिक हत्याकांड में पवन सरोज को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा करने वाली पुलिस की थ्योरी किसी के गले नहीं उतर रही है। पुलिस ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर पवन को गिरफ्तार कर अपनी पीठ थपथपाई, लेकिन हत्याकांड के खुलासे के दो दिन बीतने के बाद भी समूचे घटनाक्रम की कड़ियां अभी तक नहीं जुड़ पाई हैं। खुद आरोपी ने भी पुलिस हिरासत में अपना गुनाह नहीं कबूल किया है। अब आरोपी को कस्टडी रिमांड में लेकर उसका मुंह खुलवाने की तैयारी की जा रही है।
बीते रविवार को गोहरीकांड का खुलासा करने का दावा करने वाले आला अधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया था कि सनकी आशिक पवन ने एकतरफा प्यार में पूरे परिवार को मौत के घाट उतारा था। लेकिन पुलिस के इस दावे पर कई सवाल उठ रहे हैं। मसलन अकेले पवन ने कैसे पूरे परिवार को मार डाला। पवन के साथ इस जघन्य हत्याकांड में कितने लोग शामिल थे। वारदात किस वक्त हुई।
हत्यारे किस तरह से घर में घुसे, किस हथियार से वार कर खूनी खेला गया। सबसे पहले किसको और किस तरह से मारा गया। युवती के साथ कितने लोगों ने दुष्कर्म किया। वारदात से पहले हत्यारे कहां मिले और कहां हत्या की साजिश रची गई।
पवन घंटों पुलिस की हिरासत में रहा, लेकिन पुलिस आरोपी से इनमें से किसी भी सवाल का जवाब नहीं उगलवा सकी। पुलिस का कहना है कि घटना के बाद से पवन का दोस्त गंगे गायब है। गंगे के घर वालों का कहना है कि वह दीपावली की छुट्टियों के बाद ही पुणे चला गया था, तब से वह घर नहीं आया तो वह हत्याकांड में कैसे शामिल हो सकता है।