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प्रयागराज माघ मेला : संगम की रेती पर विस्थापितों के लिए बसेगा गंग द्वीप

Sat, 01 Jan 2022 04:10 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज

सार

प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने रेती पर गंग द्वीप बसाने के लिए सेक्टर चार और पांच के बीच जगह चिह्नित की गई है। लेकिन, जहां गंग द्वीप बसाने की योजना है, वहां अभी गंगा का प्रवाह बना हुआ है।
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माघ मेला - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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गंगा की कटान में भूमि विलीन होने के बाद परेशान आध्यात्मिक-सांस्कृतिक संस्थाओं के आचार्यों-तपस्वियों को माघ मेले से विस्थापित होने की चिंता छोड़ देनी चाहिए। सेक्टर-एक स्थित संगम नोज और सेक्टर दो में महावीर मार्ग- सरस्वती मार्ग से विस्थापित हुई संस्थाओं को बसाने के लिए संगम की रेती पर गंग द्वीप बसाने की योजना तैयार की गई है। गंगा का प्रवाह कम होने के साथ ही गंग द्वीप में विस्थापितों के अलावा पिछले वर्ष कोरोना काल में न आने वालों और कुछ नई संस्थाओं को भी बसाया जाएगा।

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प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने रेती पर गंग द्वीप बसाने के लिए सेक्टर चार और पांच के बीच जगह चिह्नित की गई है। लेकिन, जहां गंग द्वीप बसाने की योजना है, वहां अभी गंगा का प्रवाह बना हुआ है। सिंचाई विभाग ने अभी प्रवाह बढ़ने की भी आशंका जताई है, ऐसे में मेला प्रशासन को प्रस्तावित गंग द्वीप में पानी सूखने का इंतजार है। दारागंज के सामने बसने वाले नए गंग द्वीप के लिए 70-80 बीघे जमीन आवंटित की जा सकती है। जरूरत के लिहाज से इस रकबा को बढ़ाया भी जा सकता है। अफसरों का कहना है कि इस द्वीप में सेक्टर एक और सेक्टर दो से विस्थापित 80 से सौ संस्थाएं बसाई जाएंगी।  

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prayagraj news : माघ मेला - फोटो : prayagraj
पिछले वर्ष नहीं आ सकी थीं दो दर्जन संस्थाएं
इसके अलावा कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले वर्ष के माघ मेले में जो दर्जनों संस्थाएं नहीं आ सकी थीं, संस्थाओं के संचालकों ने इस बार मेले में बसने के लिए फिर आवेदन किया है। ऐसे में मेला प्रशासन ने उन्हें भी इसी गंग द्वीप में जगह देने के लिए मन बनाया है। इसी तरह इस बार नई संस्थाओं को भी इसी गंग द्वीप में भूमि आवंटित करने की योजना है, ताकि आध्यात्मिक महत्व के इस नए द्वीप में मास पर्यंत मेले में संतों-भक्तों का समागम हो सके।  

हर किसी से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। कटान से विस्थापित हुई संस्थाओं के अलावा नई संस्थाओं को भी गंग द्वीप में बसाया जाएगा। जल स्तर घटने के बाद आवश्यकतानुसार भूमि गंग द्वीप के लिए चिह्नित की जाएगी। -शेषमणि पांडेय, मेलाधिकारी।

आनंद गिरि की गंगा सेना को संगम नोज पर नहीं मिलेगी जमीन
बाघंबरी गद्दी मठ के महंत और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में जेल में बंद योगाचार्य आनंद गिरि को इस बार माघ मेले में संगम नोज पर जमीन नहीं मिलेगी। आनंद गिरि की गंगा सेना का शिविर जहां लगता था, वहां कटान हो गई है। ऐसे में गंगा सेना के लिए भूमि आवंटन नहीं हो सकेगा।
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