संगम तट पर माघ मेले की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। माघ मेला क्षेत्र धीरे-धीरे गुलजार होने लगा है। हालांकि कटान और जगह-जगह जमीन दलदल से तैयारियों में खलल पड़ी है। माघ मेले के लिए झूंसी की ओर चार प्लांटून पुल तैयार किए जा रहे हैं।
संगम तट पर माघ मेले की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। माघ मेला क्षेत्र धीरे-धीरे गुलजार होने लगा है। हालांकि कटान और जगह-जगह जमीन दलदल से तैयारियों में खलल पड़ी है। माघ मेले के लिए झूंसी की ओर चार प्लांटून पुल तैयार किए जा रहे हैं। पूर्वांचल और बिहार के श्रद्धालु इन्हीं प्लांटून पुलों से माघ मेला क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। माघ मेले के शुरू होने में तकरीबन सवा माह का वक्त बचा है। विभिन्न शिविरों और कल्पवासियों के टेंट तक पानी की व्यवस्था कराने के लिए जल निगम ने पाइपलाइन के बिछाने का कार्य शुरू कर दिया है। मंगलवार को माघ मेला क्षेत्र में झूंसी की ओर पाइपलाइन बिछाए जाने के लिए बालू में खोदाई शुरू कर दी गई है।
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प्लांटून पुल नंबर दो और तीन के सामने भारी मात्रा में बिजली के खंभे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्लांटून पुल के निर्माण में तेजी आ गई है। झूंसी की ओर से पीडब्ल्यूडी चार प्लांटून पुल तैयार कर रहा है। हालांकि जगह-जगह जमीन के दलदल होने के कारण प्लांटून पुल के निर्माण कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है।
कटान और दलदल के कारण मेले का ज्यादातर हिस्सा झूंसी में बसाए जाने की है तैयारी
अगस्त से लेकर सितंबर माह तक कई बार आई बाढ़ के कारण माघ मेले को बसाने के कार्य में काफी देरी हुई। इसके साथ ही रही-सही कसर कटान और दलदल जमीन ने पूरी कर दी। माघ मेला प्रशासन रेती में जगह-जगह पर जेसीबी और ट्रैक्टर लगाकर जमीन को समतल करने में जुटा है।