Prayagraj News : माघ मेला के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं।
- फोटो : प्रयागराज
इस धड़े के पदाधिकारियों ने मेलाधिकारी से आग्रह किया है कि पूर्व के आवंटन रजिस्टर के आधार पर प्रशासन ही इस बार भी भूमि सुविधाओं का वितरण करे। इसके अलावा इस गुट के संतों ने मोरी मार्ग से भूमि आवंटन की शुरुआत करने के लिए भी आवाज उठाई है। साथ ही हर शिविर के लिए पांच नल, पांच एलईडी, पांच स्वच्छता प्रसाधन आवंटित करने की मांग की है। उधर, रामानुजनगर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामेश्वराचार्य, महामंत्री स्वामी अखिलेश्वराचार्य और कोषाध्यक्ष स्वामी घनश्यामाचार्य ने भी भूमि सुविधाओं के लिए बैठक करने के बाद मेलाधिकारी को प्रस्ताव भेजा है।
इस गुट ने 209 पुरानी संस्थाओं के शिविरों के अलावा 40 नए साधु-संतों के लिए भूमि मांगी है। इनका कहना है कि इस बार अयोध्या, चित्रकूट, काशी, नैमिषारण्य समेत कई तीर्थों से नए वैष्णव संत आ रहे हैं। इनके लिए भी भूमि आवंटित की जाए। इसके लिए दोनों धड़े की ओर से 150-150 बीघा भूमि की मांग की गई है। जबकि , बीते वर्षों में आचार्यबाड़ा को 78 बीघे भूमि आवंटित क जाती रही है।
भूमि सुविधाएं बढ़ाने के लिए संतों के आवेदन आए हैं। इस बार कटान और दलदल की वजह से भूमि काफी कम हो गई है। ऐसे में भूमि बढ़ाना संभव नहीं है। जिन संस्थाओं की भूमि कटान में चली गई है, उनको कैसे और कहां बसाया जाए, यही सबसे बड़ी चुनौती है। संत कुमार, एसडीएम मेला।