बाकी एजेंसियों की भी कमोवेश यही स्थिति है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि जिनके पास दो से तीन सिलिंडर हैं, वे भी बुकिंग की लाइन में लगे हुए हैं। होली के ठीक बाद यह संकट उत्पन्न हो गया। होली पर घरों में एलपीजी काफी ज्यादा खर्च हुई। आगे दिक्कत न हो, इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों ने बुकिंग करा ली। बुकिंग तकरीबन 40 फीसदी तक बढ़ गई और एजेंसियों को मिलने वाले लोड में 25 फीसदी तक की कटौती कर दी गई। इसी वजह से बैकलाॅग बढ़ गया।
वहीं, उपभोक्ताओं की अपनी तकलीफ है। उनका कहना है कि सिलिंडर की डिलीवरी के 21 दिनों के बाद अगली बुकिंग हो रही है और बुकिंग के बाद डीएसी नंबर आवंटित होने में एक से दो दिन लगे रहे हैं और डीएसी नंबर आवंटन के आठ से 10 दिन बाद सिलिंडर मिल रहा है। अगर बहुत किफायत से चलें तो भी चार से पांच लोगों के परिवार में 22 से 25 दिन में एक सिलिंडर खत्म हो जाता है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी में संपर्क करने पर उचित जवाब नहीं मिला। कहा जाता है कि जब लोड आएगा तो सिलिंडर मिल जाएगा। उधर, आपूर्ति विभाग ने बैठक कर विक्रय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नियमित प्लान बनाकर आवश्यकतानुसार प्रतिदिन एजेंसियों को लोड बढ़ाते हुए मांग के सापेक्ष डिपो से शतप्रतिशत डिलीवरी सुनिश्चित कराएं और बैकलॉग तीन दिन में समाप्त कराएं।