फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP : डीएसपी अनुज चौधरी समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर एफआईआर के आदेश पर रोक की अवधि बढ़ी

Wed, 25 Mar 2026 01:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Allahabad High Court : संभल हिंसा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआआईर दर्ज करने के रोक के आदेश को आगे बढ़ा दिया है। मामले की सुनवाई अब 21 अप्रैल को होगी। 
विज्ञापन
अनुज चौधरी तत्कालीन डीएसपी संभल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट से संभल हिंसा मामले में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी सहित 22 पुलिसकर्मियों को फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है। उनके खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत (सीजेएम कोर्ट) के एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर हाईकोर्ट की ओर से लगाई गई रोक को फिलहाल अगले आदेश तक के लिए बढ़ा दिया गया है। यह आदेश समित गोपाल की एकल पीठ ने दिया है।

विज्ञापन


संभल जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान नवंबर 2024 को हिंसा मामले में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, पूर्व थानेदार अनुज तोमर सहित 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ अनुज चौधरी व राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। 10 फरवरी को अपने आदेश में हाईकोर्ट ने सीजेएम के आदेश पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश पारित किया था। मामले की सुनवाई के लिए 24 मार्च की तिथि मुकर्रर की थी। मंगलवार को इस मामले में हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के रोक के आदेश को फिलहाल अगली तिथि तक बढ़ा दिया है। मंगलवार को जब मामले की सुनवाई हुई तो शिकायतकर्ता के वकील ने जवाबी हलफनामा दाखिल किया। इसके बाद न्यायालय ने याचिकाकर्ता के वकील को इस पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया। न्यायालय ने पहले दिए गए अंतरिम आदेश को बढ़ा दिया और अगली सुनवाई की तारीख  21 अप्रैल तय कर दी है।

विज्ञापन

यह है मामला

अपनी याचिका में यामीन ने आरोप लगाया कि 24 नवंबर, 2024 को सुबह लगभग 8:45 बजे, उनका बेटा आलम संभल के मोहल्ला कोट क्षेत्र में जामा मस्जिद के पास अपनी ठेली पर रस्क और बिस्कुट बेच रहा था, तभी नामजद पुलिस अधिकारियों ने भीड़ पर जान से मारने की नीयत से अचानक गोलियां चला दीं। यामीन की याचिका में संभल के तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और संभल कोतवाली प्रभारी अनुज कुमार तोमर का नाम है। अपने 11 पृष्ठ के आदेश में सीजेएम सुधीर ने टिप्पणी की थी कि पुलिस आपराधिक कृत्यों के लिए आधिकारिक कर्तव्य का बहाना नहीं बना सकती। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का हवाला देते हुए सीजेएम ने कहा कि किसी व्यक्ति पर गोली चलाना आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन नहीं माना जा सकता। प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध होने की संभावना को देखते हुए, मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि सच्चाई का पता केवल उचित जांच के माध्यम से ही लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें